सहारनपुर , अक्टूबर 05 -- सहारनपुर जिले में यमुना क्षेत्र के पूरे इलाके में अवैध खननकर्मियों ने यमुना नदी और पूरे क्षेत्र की भारी दुर्दशा कर दी है। बेहट क्षेत्र के गांव धोलरा, गांव नुनियारी के सैकड़ों ग्रामीणों ने आज तड़के अवैध खननकर्मियों पर जमकर पथराव किया। किसानों और ग्रामीणों के आक्रोशित भीड़ ने अवैध खननकर्मियों की जेसीबी मशीनों और वाहनों पर भी पथराव कर जमकर तोड़फोड़ की।
ग्रामीणों ने पूरी घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर जारी कर दिया और लखनऊ के उच्चाधिकारियों को यहां की स्थिति से शिकायतें भेजकर अवगत कराया। गांव धोलरा के प्रधान रामदास, गांव पुरी असलमपुर बरथा के पर्यावरणविद् और एनजीटी एवं सुप्रीम कोर्ट में अवैध खनन के खिलाफ याचिका लगाने वाले रणवीर सिंह, ब्लाक प्रमुख विश्वास चौधरी ने बताया कि हरियाणा और उत्तर प्रदेश के यमुना तटवर्ती क्षेत्र के बड़ी संख्या में अवैध खननकर्मी पूरी रात अंधेरे में मशीनों से यमुना में खुदाई कराकर खनिज वाहनों, डंपर और ट्रैक्टर ट्राली में भरकर भिलपुरा, कन्नेवाला और लाकड़ इलाकें में स्टोन क्रशरों पर ले जा रहे थे।
इसकी जानकारी मिलने पर गांव धोलरा और नुनियारी के किसान और ग्रामीण मौके पर पहुंचे और अवैध खननकर्मियों को दौड़ा लिया। गुस्साई भीड़ के अचानक हुए हमले से अवैध खननकर्मी अपनी मशीनों और वाहनों को लेकर भागने लगे। ग्रामीणों ने इसकी सूचना बेहट एसडीएम, सीओ और पुलिस निरीक्षक को दी। जिला खनन अधिकारी अर्जुन सिंह को भी फोन करके बताया गया लेकिन कोई भी मौके पर नहीं पहुंचा।
गांव प्रधान रामदास ने कहा कि भारी अवैध खनन से उनकी कृषि भूमि को नुकसान पहुंचा है। लेकिन जिला पुलिस प्रशासन इस ओर से आंख मूंदे हुए है। ब्लाक प्रमुख विश्वास चौधरी ने कहा कि भारी शिकायतों के बाद एसपी देहात मयंक पाठक ने स्टोन क्रशरों पर छापेमारी कर भारी अनियमितता पकड़ी थी लेकिन किसी के भी खिलाफ कोई कार्रवाई सामने नहीं आई।
उन्होंने कहा कि सपा-बसपा के शासन की तरह इस शासन में भी अवैध खनने रूकने का नाम नहीं ले रहा है। दिखावे के लिए थोड़ी-बहुत कार्रवाई कर खानापूर्ति जरूर की जा रही है। ग्रामीणों ने कहा कि अवैध खनन से यमुना नदी की जलधारा का रूख और प्रवाह बदल गया है और प्रदेश के तटवर्ती गांवों को बाढ़ का खतरा बन गया है और खेती की उपजाऊ भूमि भी बंजर होती जा रही है।
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