नयी दिल्ली , जनवरी 29 -- आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 के अनुसार भारत का आर्थिक विकास अवसंरचना केंद्रित विकास की रणनीति का बना हुआ है और यही वजह है विश्व बैंक ने कम और मध्यम आय वाली अर्थव्यवस्था में अवसंरचना में निजी निवेश के मामले में भारत को शीर्ष पांच देशों में शामिल किया है।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा गुरुवार को संसद में पेश आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 में कहा गया है कि भारत की विकास रणनीति में अवसंरचना केंद्र में बना हुआ है और वित्त वर्ष 2015 से सार्वजनिक पूंजीगत व्यय लगातार बढ़ रहा है। इस बदलाव का प्रमुख कारक पीएम गतिशक्ति के जरिए मल्टी मॉडल प्लानिंग का संस्थागत होना है और इसके परिणाम से राष्ट्रीय लॉजिस्टिक नीति तथा डिजिटल प्लेटफॉर्म की मदद से आवाजाही की लागत और जोखिम कम हो रहा है।

सर्वेक्षण के अनुसार इस बदलाव में सार्वजनिक पूंजीगत व्यय में सतत बढ़ोतरी का महत्वपूर्ण योगदान है। सरकार का पूंजीगत व्यय लगभग 4.2 गुना बढ़ गया है और वित्त वर्ष 2018 में 2.63 लाख करोड़ रुपए से बढ़कर इस वित्त वर्ष (बजट अनुमान) में 11.21 लाख करोड़ रुपए हो गया है, जबकि इसी वित्त वर्ष (बजट अनुमान) में प्रभावी पूंजीगत व्यय' 15.48 लाख करोड़ रुपए है। इसमें अवसंरचना विकास का मुख्य प्रेरक रहा है। अर्थव्यवस्था को तैयार करने में अवसंरचना का महत्वपूर्ण योगदान है।

अवसंरचना वित्त पोषण परिदृश्य में बदलाव को महत्वपूर्ण बताते हुए सर्वेक्षण में कहा गया है कि भारत के अवसंरचना वित्त पोषण परिदृश्य में बदलाव हो रहा है। यह बैंक ऋण की जगह विविधिकृत होता जा रहा है,। वित्त वर्ष 20-25 के दौरान वाणिज्यिक क्षेत्र में एनबीएफसी ऋण 43.3 प्रतिशत की चक्रवृद्धि वार्षिक दर से बढ़ा है। इसके साथ ही दीर्घकालिक संस्थागत पूंजी जुटाने में ढांचागत निवेश स्तर और रियल एस्टेट निवेश स्तर की भूमिका भी निरंतर बढ़ी है।

सर्वेक्षण के अनुसार विश्व बैंक ने कम और मध्यम आय वाली अर्थव्यवस्था में अवसंरचना में निजी निवेश के मामले में भारत को शीर्ष पांच देशों में शामिल किया है। साथ ही दक्षिण एशिया में निजी अवसंरचना निवेश की 90 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ भारत पीपीआई निवेश के मामले में शीर्ष पर है। इसकी वजह है कि राष्ट्रीय राजमार्ग की आधारभूत अवसंरचना का देश में व्यापक विस्तार हुआ है और राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क 60 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी के साथ वित्त वर्ष 2014 के 91,287 किलोमीटर से बढ़कर वित्तवर्ष 2026 (दिसंबर तक) 1,46,572 किलोमीटर हो गया है।

आर्थिक सर्वेक्षण में कहा गया है कि रेल अवसंरचना का विस्तार निरंतर गतिशील बना हुआ है और इसके तहत मार्च 2025 तक रेल नेटवर्क 69,439 किमी तक पहुंच गया है। वित्त वर्ष 2026 के लिए 3,500 किमी अतिरिक्त रेल नेटवर्क के विस्तार का लक्ष्य निर्धारित किया गया है और अक्टूबर 2025 तक 99.1 प्रतिशत विद्युतीकरण निर्माण-कार्य को सम्पन्न किया गया है।

सर्वेक्षण के अनुसार भारत विश्व का तीसरा सबसे बड़ा घरेलू विमानन बाज़ार बन गया है। इसमें हवाई अड्डों की संख्या वित्त वर्ष 2014 में 74 से बढ़कर वित्तवर्ष 2025 में 164 तक पहुंच गई है। वित्त वर्ष 2025 में भारतीय हवाई अड्डों पर 412 मिलियन यात्री पहुंचे और वित्तवर्ष 2031 तक इसके बढ़कर 665 मिलियन तक पहुंचने की संभावना है।मैरिटाइम भारत विजन 2030 और अमृत काल विजन 2047 के अंतर्गत बंदरगाह की अवसंरचना को उन्नत करने नियामक ढांचे को बढ़ाने, परिचालन दक्षता में सुधार करने और निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ाने में पर्याप्त प्रगति हुई है।

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