चंडीगढ़ , अप्रैल 23 -- केन्द्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ के जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) -सह-सचिव सुनिल कुमार ने गुरुवार को अवलोकन गृह, चंडीगढ़ का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य वहां रह रहे बच्चों को मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता और परिसर की स्वच्छता व्यवस्थाओं की समीक्षा करना था।

निरीक्षण के दौरान श्री कुमार ने रसोईघर का विशेष अवलोकन किया। बच्चों के लिए तैयार किये जा रहे भोजन की गुणवत्ता, पोषण स्तर और स्वच्छता मानकों की बारीकी से जांच की गयी। उन्होंने सुनिश्चित किया कि बच्चों को निर्धारित मापदंडों के अनुसार पौष्टिक एवं स्वच्छ भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। रसोई में साफ-सफाई और खाद्य सामग्री के भंडारण की स्थिति का भी जायजा लिया गया।

इसके बाद शौचालयों और पूरे परिसर की स्वच्छता व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया गया। साफ-सफाई, नियमित रखरखाव और बच्चों के लिए जरूरी सुविधाओं की उपलब्धता का आकलन किया गया, ताकि वहां निवासरत किशोरों को स्वस्थ एवं सुरक्षित वातावरण मिल सके।

निरीक्षण के दौरान सीजेएम श्री कुमार ने संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों से बातचीत कर व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि बच्चों का समग्र कल्याण सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने स्वच्छता बनाये रखने, समय पर पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने और बच्चों की बुनियादी जरूरतों का विशेष ध्यान रखने पर जोर दिया।

प्राधिकरण की ओर से समय-समय पर ऐसे निरीक्षण किये जाते हैं, ताकि बाल संरक्षण गृहों में रह रहे बच्चों के अधिकारों और कल्याण को सुनिश्चित किया जा सके।

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