नयी दिल्ली , सितंबर 12 -- मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल-फतह अल-सीसी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने शनिवार को 'दो-राष्ट्र सिद्धांत' तथा अन्य संबंधित अंतरराष्ट्रीय प्रस्तावों के आधार पर फिलिस्तीन मुद्दे के न्यायपूर्ण एवं व्यापक समाधान की आवश्यकता पर जोर दिया।
दोनों नेताओं ने यहां 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से इतर मुलाकात की, जिसमें उन्होंने फिलिस्तीन के गाजा इलाके में युद्ध खत्म करने, ईरान युद्ध और सूडान की स्थिति पर भी चर्चा की।
मिस्र के राष्ट्रपति कार्यालय ने एक बयान में बताया कि श्री अल-सीसी ने श्री पुतिन को गाजा पट्टी में युद्ध रोकने के समझौते के दूसरे चरण को लागू करने की दिशा में मिस्र के प्रयासों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने गाजा के लोगों की तकलीफों को कम करने के लिए वहां मानवीय सहायता की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित करने की जरूरत पर जोर दिया।
दोनों राष्ट्रपतियों ने ईरान संकट पर भी चर्चा की, और तनाव कम करने तथा शांतिपूर्ण तरीकों से व्यापक और स्थायी समझौते तक पहुंचने के लिए बातचीत फिर से शुरू करने के महत्व पर जोर दिया।
सूडान के मामले में दोनों नेताओं ने उसकी संप्रभुता, एकता और राष्ट्रीय संस्थानों को अक्षुण्ण रखने की जरूरत पर जोर दिया। श्री अल-सीसी ने कहा कि सूडान की सुरक्षा, एकता या संप्रभुता के लिए कोई भी खतरा एक "लक्ष्मण रेखा" है, जिसे मिस्र पार नहीं करने देगा।
बातचीत में मिस्र और रूस के बीच द्विपक्षीय संबंधों पर भी चर्चा हुई, जिसमें दोनों नेताओं ने विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को मजबूत करने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताई। श्री अल-सीसी ने दोनों देशों की साझेदारी के तहत लागू की जा रही प्रमुख परियोजनाओं का उल्लेख किया, जिनमें अल-दबा परमाणु ऊर्जा संयंत्र और स्वेज नहर आर्थिक क्षेत्र में रूसी औद्योगिक क्षेत्र शामिल हैं। उन्होंने ऊर्जा, व्यापार, निवेश, खाद्य सुरक्षा और पर्यटन के क्षेत्र में सहयोग पर भी चर्चा की।
मिस्र के राष्ट्रपति ने संयुक्त परियोजनाओं के कार्यान्वयन में आने वाली बाधाओं को दूर करने के लिए मिस्र की प्रतिबद्धता दोहरायी। श्री पुतिन ने मिस्र के साथ प्रगाढ़ सहयोग और आपस में तय समय-सीमा तथा शर्तों के अनुरूप प्रमुख परियोजनाओं को पूरा करने के लिए रूस की तरफ से समर्थन का एक बार फिर आश्वासन दिया।
श्री अल-सीसी ने अलेक्जेंड्रिया और अल-अलामीन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों को मान्यता देने के रूस के फैसले का भी स्वागत किया। उन्होंने कहा कि इस कदम से मिस्र में नयी जगहों पर रूसी पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
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