अल्मोड़ा , जून 24 -- उत्तराखंड के अल्मोड़ा में सरकारी विभागों में वित्तीय अनुशासन को मजबूत बनाने और नियमों के प्रभावी अनुपालन के उद्देश्य से बुधवार को विकास भवन सभागार में आहरण एवं वितरण अधिकारियों (डीडीओ) तथा वित्त अधिकारियों के लिए एक दिवसीय वित्तीय साक्षरता कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला का आयोजन महालेखाकार उत्तराखंड के तत्वावधान में किया गया।

कार्यशाला में उत्तराखंड शासन के सचिव डॉ. पंकज कुमार पांडे, महालेखाकार परवेज आलम, जिलाधिकारी अंशुल सिंह, मुख्य विकास अधिकारी रामजी शरण शर्मा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

महालेखाकार परवेज आलम ने कहा कि कार्यशाला का उद्देश्य सरकारी विभागों में वित्तीय पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना है। उन्होंने अधिकारियों को बजट आवंटन, व्यय नियंत्रण, लेखा मिलान, ऑडिट आपत्तियों के निस्तारण तथा वित्तीय प्रबंधन से जुड़े महत्वपूर्ण नियमों और प्रक्रियाओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने सभी विभागों से वित्तीय नियमों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करने का आह्वान किया।

जिलाधिकारी अंशुल सिंह ने सभी आहरण एवं वितरण अधिकारियों को निर्देशित किया कि कार्यशाला में साझा की गई जानकारियों और वित्तीय प्रावधानों का पूरी गंभीरता से पालन करें। उन्होंने कहा कि वित्तीय अनियमितताओं के लिए किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और अधिकारियों को अपने विभागों में नियमित निगरानी व्यवस्था बनाए रखनी होगी।

महालेखाकार कार्यालय के विशेषज्ञों ने पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से कार्यशाला में वित्तीय नियमों की बारीकियों पर प्रकाश डाला। साथ ही प्रतिभागियों की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए विभिन्न वित्तीय प्रक्रियाओं से जुड़े व्यावहारिक पहलुओं की जानकारी भी दी गई।

इस अवसर पर उप महालेखाकार एस.जी. ममगई, नोडल अधिकारी सुनील निगम, मुख्य कोषाधिकारी वीरेंद्र रावत सहित विभिन्न विभागों के आहरण एवं वितरण अधिकारी मौजूद रहे। कार्यशाला को वित्तीय प्रबंधन क्षमता बढ़ाने और प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता लाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना गया।

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