तिराना , अक्तूबर 20 -- अल्बानिया में पिछले सात दिनों से जारी सरकार विरोधी प्रदर्शन के खिलाफ कड़ा रूख अपनाते हुए प्रधानमंत्री एडी रामा ने चेतावनी दी है कि सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय की जाएगी। गौरतलब है कि प्रदर्शन आज सातवें दिन में प्रवेश कर गया है और प्रदर्शनकारियों तथा पुलिस के बीच झड़पें काफी तेज हो गई हैं।
राजधानी में प्रमुख सरकारी संस्थानों पर हुए हमलों से देश के बाहर भी खलबली मच गई, जिसके बाद गंभीर परिस्थितियों के दबाव में बयान जारी किया गया। प्रदर्शनकारियों ने पेट्रोल बम और पत्थर फेंककर उच्चतम न्यायालय और वित्तीय संस्थानों को निशाना बनाया। उच्चतम न्यायालय भवन के कुछ हिस्से आग की चपेट में आ गए, फर्नीचर जल गया और केस फाइलें बिखर गईं, जबकि अल्बानिया बैंक के प्रवेश द्वार में भी आग लगा दी गई।
इन हमलों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ध्यान आकर्षित किया है जिससे न्यायिक संस्थानों की सुरक्षा और अल्बानिया के राजनीतिक संकट के और गहराने को लेकर चिंताएं बढ़ गईं। प्रदर्शनकारियों ने न्यायपालिका पर भ्रष्ट राजनीतिक नेताओं को बचाने और सत्ता में बैठे लोगों को जवाबदेह ठहराने में विफल रहने का आरोप लगाया, जिससे उच्चतम न्यायालय उनके गुस्से का मुख्य केंद्र बन गया।
इस हिंसा ने श्री रामा पर दबाव और बढ़ा दिया है। उन्हें भ्रष्टाचार के आरोपों, विश्वविद्यालयों की स्थिति, बढ़ती महंगाई और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर से जुड़ी एक विवादास्पद तटीय रिसॉर्ट परियोजना को लेकर इस्तीफे की बढ़ती मांगों का सामना करना पड़ रहा है।
मंगलवार को यहां के उच्च विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों से मिलकर श्री रामा ने एक पत्थर का उदाहरण दिया, जिसका उपयोग उन्होंने प्रदर्शन करने के अधिकार और सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने तथा नागरिकों की रक्षा करने की राज्य की जिम्मेदारी के बीच की रेखा को समझाने के लिए किया।
हाथ में पत्थर थामे श्री रामा ने कहा, "यह पत्थर वह वस्तु है जो इस कहानी के दोनों पक्षों को स्पष्ट रूप से विभाजित करती है और यह तय करती है कि विरोध प्रदर्शन का अधिकार कहां समाप्त होता है और नागरिकों की रक्षा करने तथा प्रतिक्रिया देने का राज्य का अधिकार कहां से शुरू होता है।"उन्होंने घोषणा की कि उनकी सरकार प्रदर्शनों के दौरान हुए नुकसान के लिए जिम्मेदारी तय करने के लिए उपायों का एक पैकेज तैयार कर रही है और चेतावनी दी कि इसमें शामिल लोगों को कानूनी परिणामों का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने कहा, "हम उपायों के एक पैकेज पर काम कर रहे हैं, जो लोग तोड़फोड़ करेंगे, उन्हें कीमत चुकानी होगी।" ऐसे कृत्यों के लिए जिम्मेदार व्यक्तियों को कानून के तहत जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।
श्री रामा ने कहा कि सरकार नागरिकों से बातचीत के लिए तैयार है और उनके प्रदर्शनों के पीछे के कारणों या सार्वजनिक संस्थानों से जवाब मांगने की मांगों की परवाह किए बिना उनकी शिकायतों को सुनने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा, "किसी भी मामले में और चाहे जिस भी कारण से मुझसे या सरकार से जहां भी संवाद की मांग की जाए, हम वहां हैं और तैयार हैं। मैं किसी की भी बात सुनने के लिए बिना शर्त के तैयार हूं।"प्रधानमंत्री ने हालांकि अज्ञात ताकतों पर राजनीतिक उद्देश्यों के लिए जनता के असंतोष का फायदा उठाने और अल्बानिया के विकास तथा यूरोपीय संघ में शामिल होने की उसकी वार्ताओं में बाधा डालने का प्रयास करने का आरोप लगाया।
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