रायसेन , जुलाई 15 -- मध्यप्रदेश में रायसेन जिले के सुल्तानगंज क्षेत्र के ग्राम मढ़िया गुसाई में अल्प वर्षा के बीच ग्रामीण महिलाओं ने सदियों पुरानी लोक परंपरा का निर्वहन करते हुए इंद्रदेव को प्रसन्न करने के लिए पारंपरिक सैरा (डांडिया) नृत्य किया।

ग्रामीणों के अनुसार, पिछले एक सप्ताह से पर्याप्त वर्षा नहीं होने के कारण खेतों में खड़ी फसलें सूखने की कगार पर पहुंच गई थीं, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई थी। ऐसे में गांव की महिलाओं ने खेड़ापति माई और हनुमान मंदिर के सामने एकत्र होकर पारंपरिक गीतों के साथ करीब दो घंटे तक सैरा नृत्य किया।

ग्रामीणों का मानना है कि जब सूखे जैसी स्थिति बनती है और इंद्रदेव रुष्ट हो जाते हैं, तब महिलाओं द्वारा यह लोक अनुष्ठान किया जाता है। परंपरा के अनुसार नृत्य तब तक जारी रहता है, जब तक वर्षा नहीं हो जाती।

बताया गया कि इस बार भी महिलाओं की सामूहिक प्रार्थना और नृत्य के दौरान आसमान में बादल छा गए और वर्षा शुरू हो गई। बारिश शुरू होते ही ग्रामीणों में खुशी की लहर दौड़ गई। किसानों ने इसे अपनी लोक आस्था और परंपरा की शक्ति से जोड़ते हुए राहत की सांस ली। ग्रामीणों का कहना है कि यह परंपरा न केवल उनकी धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत का भी महत्वपूर्ण हिस्सा है।

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