सहारनपुर , जुलाई 27 -- उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में अल्पसंख्यक स्वरोजगार ऋण योजना के तहत करीब 27 वर्ष पहले ऋण लेने वाले 1,443 लाभार्थियों द्वारा ऋण की अदायगी नहीं किए जाने पर बकाया राशि बढ़कर 11.09 करोड़ रुपये पहुंच गई है। जिला अल्पसंख्यक कल्याण विभाग ने अब बकायेदारों के विरुद्ध वसूली अभियान तेज कर दिया है। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी अजय कुमार ने सोमवार को बताया कि वर्ष 1996 से संचालित स्वरोजगार ऋण योजना के अंतर्गत 1,443 लाभार्थियों को 15 हजार रुपये से लेकर एक लाख रुपये तक का ऋण विभिन्न स्वरोजगार गतिविधियों के लिए उपलब्ध कराया गया था। उस समय कुल 4.35 करोड़ रुपये का ऋण वितरित किया गया था, लेकिन अधिकांश लाभार्थियों ने ऋण की अदायगी नहीं की।

उन्होंने बताया कि वर्षों से भुगतान न होने के कारण ब्याज सहित बकाया राशि बढ़कर 11.09 करोड़ रुपये हो गई है। बकाया की वसूली के लिए विभाग ने अब सख्ती बरतनी शुरू कर दी है। संबंधित लाभार्थियों को नोटिस जारी किए जा रहे हैं तथा क्षेत्रवार राजस्व वसूली प्रमाणपत्र (आरसी) जारी कर नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।

श्री कुमार ने बताया कि पुराने ऋणों की वसूली की प्रक्रिया जारी रहने के बावजूद प्रदेश सरकार ने अल्पसंख्यक समुदाय के आर्थिक सशक्तिकरण के उद्देश्य से स्वरोजगार ऋण योजना को पुनः संचालित किया है। इसी क्रम में सहारनपुर जनपद में हाल ही में 49 लाभार्थियों को कुल 67 लाख रुपये का नया ऋण स्वीकृत एवं वितरित किया गया है।

उन्होंने कहा कि विभाग का उद्देश्य पात्र लोगों को स्वरोजगार के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है, साथ ही पूर्व में वितरित ऋणों की समयबद्ध वसूली सुनिश्चित करना भी प्राथमिकता है।

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