पटना , अक्टूबर 12 -- ल्पसंख्यक वर्ग के युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतर शैक्षणिक अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राज्य सरकार की राज्य कोचिंग योजना का दायरा लगातार बढ़ रहा है। वित्तीय वर्ष 2024-25 और 2025-26 के दौरान इस योजना के तहत कुल 3,610 छात्र-छात्राओं के लिए कोचिंग कार्यक्रम संचालित किए गए, जिनमें 1,043 अभ्यर्थियों ने सफलता हासिल की। वहीं, वित्तीय वर्ष 2026-27 में अब तक 693 छात्र-छात्राओं के लिए कोचिंग कार्यक्रमों को स्वीकृति दी जा चुकी है।

अल्पसंख्यक कल्याण विभाग से मिली जानकारी के अनुसार वित्तीय वर्ष 2024-25 में 1,230 छात्र-छात्राओं को कोचिंग का अवसर मिला था। इनमें 545 अभ्यर्थी सफल हुए। इसके बाद वित्तीय वर्ष 2025-26 में कोचिंग कार्यक्रम का दायरा बढ़कर 2,380 छात्र-छात्राओं तक पहुंच गया। इस तरह एक वर्ष में लाभान्वित होने वाले अभ्यर्थियों की संख्या में 1,150 की वृद्धि दर्ज की गई और योजना का दायरा लगभग 1.9 गुना हो गया। हालांकि, इस दौरान सफल अभ्यर्थियों की संख्या 498 रही।

वित्तीय वर्ष 2026-27 में स्वीकृत 693 अभ्यर्थियों के कोचिंग कार्यक्रमों में बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) की प्रारंभिक परीक्षा की तैयारी भी शामिल है। इसके अलावा, केंद्रीय चयन पर्षद (सिपाही भर्ती) की चालक सिपाही प्रतियोगिता परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों के लिए मोटरयान दक्षता प्रशिक्षण की व्यवस्था भी योजना के तहत की जा रही है। इससे प्रतियोगी परीक्षाओं के विभिन्न चरणों में अभ्यर्थियों को बेहतर तैयारी का अवसर मिल सकेगा।

राज्य कोचिंग योजना के तहत मुस्लिम, ईसाई, सिख, बौद्ध, जैन और पारसी समुदाय के युवाओं को लाभ दिया जाता है। योजना का उद्देश्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों को गुणवत्तापूर्ण कोचिंग, विशेषज्ञ मार्गदर्शन और आवश्यक शैक्षणिक सहयोग उपलब्ध कराना है। इसके माध्यम से युवाओं को परीक्षाओं के विभिन्न चरणों के लिए व्यवस्थित रूप से तैयार किया जाता है, जिससे वे बेहतर प्रदर्शन कर सरकारी सेवाओं सहित रोजगार के अन्य अवसरों तक अपनी पहुंच बना सकें।

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