सहारनपुर , जून 23 -- लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र में एक कोचिंग सेंटर की तीन मंजिला इमारत में लगी भीषण आग में 15 लोगों की मौत के बाद सहारनपुर जिला प्रशासन हरकत में आ गया है। शासन के निर्देशों के अनुपालन में जिलाधिकारी अरविंद चौहान के निर्देश पर मंगलवार को दमकल विभाग, शिक्षा विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों की संयुक्त टीम ने जनपद के विभिन्न कोचिंग सेंटरों का औचक निरीक्षण किया।

मुख्य अग्निशमन अधिकारी (सीएफओ) प्रताप सिंह ने बताया कि निरीक्षण के दौरान बड़ी संख्या में कोचिंग सेंटर अपंजीकृत पाए गए। अधिकांश संस्थानों में अग्निशमन उपकरण और सुरक्षा संबंधी आवश्यक व्यवस्थाएं भी नहीं मिलीं। उन्होंने कहा कि बेसमेंट और ऊपरी मंजिलों पर संचालित कोचिंग कक्षाएं छात्र-छात्राओं की सुरक्षा के दृष्टिकोण से गंभीर चिंता का विषय हैं।

जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) जयकरण यादव ने बताया कि विभाग के अभिलेखों में लगभग 200 कोचिंग सेंटर पंजीकृत हैं, लेकिन इनमें कितने संचालित हैं, कितने बंद हैं और कितने अपंजीकृत रूप से चल रहे हैं, इसकी विस्तृत जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि मानकों की अनदेखी कर संचालित किए जा रहे कोचिंग संस्थानों को नोटिस जारी किया जाएगा तथा आवश्यक सुरक्षा मानकों की पूर्ति होने तक उनके संचालन पर रोक लगाने की कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने स्वीकार किया कि प्रारंभिक जांच में कई संस्थानों में सुरक्षा मानकों का पालन नहीं पाया गया। महानगर और कस्बाई क्षेत्रों में संचालित अनेक कोचिंग सेंटरों की स्थिति चिंताजनक है। आग अथवा अन्य आपात परिस्थितियों से निपटने के लिए पर्याप्त इंतजाम न होने से छात्रों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

निरीक्षण के दौरान यह भी सामने आया कि कई संस्थान बिना फायर एनओसी और अन्य आवश्यक अनुमतियों के संचालित किए जा रहे हैं। अधिकारियों का मानना है कि यदि समय रहते सुरक्षा मानकों को लागू नहीं किया गया तो भविष्य में किसी बड़े हादसे की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता।

सीएफओ प्रताप सिंह और डीआईओएस जयकरण यादव ने बताया कि अगले दो दिनों में जिले के सभी प्रमुख कोचिंग संस्थानों की जांच पूरी कर ली जाएगी। इसके बाद जांच रिपोर्ट के आधार पर नियमानुसार प्रभावी कार्रवाई की जाएगी।

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