अलवर , जून 25 -- राजस्थान में अलवर नगर निगम और नगर विकास न्यास (यूआईटी) द्वारा सीज किए गए कोचिंग संस्थानों को राहत दिलाने के लिए गुरुवार को कोचिंग संचालकों का प्रतिनिधिमंडल सर्किट हाउस में आयोजित जनसुनवाई के दौरान राजस्थान सरकार के वन एवं पर्यावरण मंत्री संजय शर्मा से मिला।

संचालकों ने कोचिंग संस्थानों को पुनः खोलने की मांग उठाई। श्री शर्मा ने मामले को गंभीरता से लेते हुए नगर निगम आयुक्त सोहन सिंह नरूका को निर्देश दिए कि कोचिंग संचालकों को 15 से 20 दिन का समय दिया जाये। इस अवधि में संचालक शपथ-पत्र (हलफनामा) प्रस्तुत करें और अग्नि सुरक्षा प्रणाली अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) सहित अन्य आवश्यक नियमों की पालना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि निर्धारित समयावधि में कमियां दूर नहीं करने वाले संस्थानों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करते हुए उन्हें पुनः सीज कर दिया जाए।

श्री शर्मा ने कहा कि कोचिंग सेंटर खुलने के बाद कोई दुर्घटना या अप्रिय घटना होती है तो उसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित संचालकों की होगी। सुरक्षा मानकों में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी।

उल्लेखनीय है कि नगर निगम और नगर विकास न्यास (यूआईटी) की संयुक्त कार्रवाई के दौरान अलवर शहर में 16 कोचिंग संस्थानों और लाइब्रेरी को सीज किया गया था। प्रशासन का कहना था कि इन संस्थानों के पास आवश्यक दस्तावेज नहीं थे।

जनसुनवाई में कोचिंग संचालकों ने प्रशासनिक कार्रवाई के तरीके पर भी नाराजगी जतायी। उनका कहना था कि अधिकारियों और कर्मचारियों ने उन्हें पर्याप्त समय नहीं दिया और पढ़ाई कर रहे विद्यार्थियों को तत्काल बाहर निकाल दिया गया। कई छात्रों के बैग, किताबें और अन्य सामान भवनों के भीतर ही रह गये।

संचालकों का कहना था कि प्रशासन एक-दो दिन पहले सूचना दे देता तो विद्यार्थियों और संस्थानों को अनावश्यक परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता। उन्होंने अधिकारियों के व्यवहार पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि कार्रवाई के दौरान उनके सम्मान को ठेस पहुंची है और भविष्य में इस प्रकार के व्यवहार से बचा जाना चाहिए।

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