अलवर , अप्रैल 28 -- राजस्थान में राजस्थान वन विभाग की ओर से अलवर जिले में वन्यजीवों की जल स्रोत गणना एक मई से शुरू होगी।

उप वन संरक्षक कार्यालय, अलवर द्वारा जारी आदेश के अनुसार वर्ष 2026 की वन्यजीव गणना 'जल स्रोत पद्धति' से की जाएगी। जारी निर्देशों के मुताबिक यह गणना एक मई से दो मई तक लगातार 24 घंटे चलेगी। पहले इसे सुबह आठ बजे से शुरू किया जाना था, लेकिन संशोधित आदेश के बाद अब यह शाम पांच बजे से अगले दिन शाम पांच बजे तक की जाएगी।

इस दौरान बाघ, तेंदुआ सहित अन्य वन्यजीवों की गतिविधियों का आंकलन जल स्रोतों पर किया जाएगा। इसके लिए अलवर, बहरोड़, किशनगढ़बास, तिजारा, राजगढ़, लक्ष्मणगढ़ और थानागाजी क्षेत्रों के वन अधिकारियों को विशेष जिम्मेदारी सौंपी गई है। कई रेंज के अधिकारी तैनात रहेंगे।

वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इस गणना से वन्यजीवों की वास्तविक संख्या और उनकी मौजूदगी का सटीक विवरण मिलेगा, जिससे संरक्षण योजनाओं को और बेहतर बनाया जा सकेगा।

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