अलवर , जून 19 -- राजस्थान में अलवर जिले के रामगढ़ कस्बे में गोविंदगढ़ मोड़ स्थित राजकीय महाविद्यालय के लिए आवंटित सरकारी भूमि से शुक्रवार दोपहर प्रशासन ने अतिक्रमण हटा दिया।
तहसीलदार अंकित गुप्ता के नेतृत्व में राजस्व विभाग और पुलिस प्रशासन के दल ने भारी पुलिस जाब्ते की मौजूदगी में जेसीबी मशीनों की सहायता से पक्के निर्माणों काे ध्वस्त कर दिया। कार्रवाई के दौरान कानून-व्यवस्था बनाये रखने के लिए अलवर पुलिस लाइन सहित कई थानों का पुलिस बल तैनात किया गया था। एहतियात के तौर पर दमकल, एम्बुलेंस और विद्युत विभाग के दल भी मौके पर मौजूद रही। प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था के बीच शांतिपूर्ण तरीके से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को अंजाम दिया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, जिस भूमि पर कॉलेज भवन का निर्माण प्रस्तावित है, उस पर पिछले करीब पांच वर्षों से कब्जा करके रह रहे परिवार ने प्रशासन के समझाने के बाद खुद ही अपने मकान से सामान बाहर निकालना शुरू कर दिया। इसके बाद जेसीबी की मदद से पक्के निर्माणों को हटाया गया।
श्री गुप्ता ने बताया कि राजकीय महाविद्यालय भवन निर्माण के लिए वर्ष 2021 में आठ बीघा सरकारी सिवायचक भूमि आवंटित की गयी थी। भूमि आवंटन को लेकर दयाचंद सैनी ने न्यायालय में चुनौती दी थी, जिससे मामला लंबे समय तक लंबित रहा। बाद में 10 मार्च 2026 को उच्च न्यायालय ने याचिका खारिज कर दी और सक्षम प्राधिकारी के समक्ष अपील करने के निर्देश दिये। इसके बाद संभागीय आयुक्त के समक्ष दायर अपील भी खारिज कर दी गयी। जिला कलेक्टर के भूमि आवंटन को वैध ठहराया गया।
संभागीय आयुक्त के फैसले के बाद जिला कलेक्टर ने अतिक्रमण हटाने के आदेश जारी किये। आदेशों की पालना में शुक्रवार को भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया गया।
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