अलवर , सितम्बर 09 -- राजस्थान में नगर निकाय चुनाव में मतदान से ठीक पहले अलवर के वार्ड नंबर 42 स्थित दिवाकरी में मंगलवार रात कथित तौर पर मतों की खरीद-फरोख्त से जुड़ा वीडियो सामने आने के बाद सियासत गरमा गयी है।

वायरल वीडियो में मिठाई के डिब्बों में कलाकंद के साथ 500-500 रुपए के नोट दिखाई दे रहे हैं। डिब्बों पर एक प्रत्याशी की फोटो वाला स्टिकर लगा होने का दावा किया जा रहा है। वायरल वीडियो की हालांकि स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

इस मामले में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं विपक्ष के नेता टीकाराम जूली ने इस पूरे मामले को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की साजिश बताया है। उन्होंने कहा कि यह प्रसाद का डिब्बा था, जिसे कांग्रेस प्रत्याशी द्वारा पैसे बांटने के रूप में प्रचारित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भाजपा चुनाव जीतने के लिए इस तरह के हथकंडे अपना रही है। श्री जूली ने साफ तौर पर कहा कि वोट के बदले पैसे बांटने का आरोप गलत है।

बताया जा रहा है कि मतदान से एक रात पहले करीब रात एक बजे दिवाकरी क्षेत्र में एक गाड़ी काफी देर से घूम रही थी। शक होने पर कुछ लोगों ने गाड़ी का पीछा किया। इसके बाद दिवाकरी में कार एक स्थान पर खड़ी मिली। दावा है कि कार में सवार लोग मिठाई के डिब्बे निकाल रहे थे। इसी दौरान वहां लोगों की भीड़ जमा हो गयी और कार में सवार लोग कथित तौर पर कार एवं डिब्बों को छोड़कर वहां से भाग गये।

मौके पर मौजूद लोगों ने डिब्बे खोले तो उनमें कलाकंद के साथ 500-500 रुपए के नोट होने का दावा किया गया। डिब्बों पर एक प्रत्याशी का स्टिकर लगे होने की बात भी कही गयी। लोगों ने इसकी सूचना वैशाली नगर थाना पुलिस को देने की बात कही, लेकिन पुलिस ने इस तरह की घटना होने से इन्कार किया है।

वायरल वीडियो को लेकर प्रत्याशी ने इसे झूठा बताया। उनका कहना है कि ऐसा वीडियो किसी के लिए भी बनाया जा सकता है। वहीं बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रत्याशी सुमित वर्मा ने वोट के बदले नोट बांटने का आरोप लगाया है।

इस पूरे मामले में अब राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गये हैं। एक तरफ वायरल वीडियो को लेकर गंभीर आरोप लगाये जा रहे हैं, तो दूसरी तरफ कांग्रेस इसे भाजपा की साजिश और फर्जी वीडियो का मामला बता रही है। मतदान के दिन सामने आये इस विवाद ने वार्ड 42 के चुनावी मुकाबले को और गरमा दिया है। वायरल वीडियो में दिखाई दे रहे डिब्बों और रुपयों की वास्तविकता क्या है, यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

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