अलवर , जून 29 -- राजस्थान में अलवर जिले के बहादुरपुर कस्बे में पेयजल, सड़क और सफाई जैसी मूलभूत समस्याओं से परेशान लोगों का गुस्सा सोमवार को फूट पड़ा।

नगर पालिका और राज्य सरकार के खिलाफ सैकड़ों ग्रामीणों और युवाओं ने बहादुरपुर स्टैंड पर अनोखा विरोध प्रदर्शन करते हुए अर्द्धसमाधि आंदोलन शुरू कर दिया। प्रदर्शन के दौरान युवाओं ने अपने शरीर के चारों ओर मिट्टी डलवाकर अर्द्धसमाधि ली और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि झाझोर वाला बोरवेल मार्च में तैयार हो गया था, लेकिन चार महीने से अधिक समय बीत जाने के बाद भी उसे चालू नहीं किया गया। इसके कारण बहादुरपुर के कई मोहल्लों में भीषण पेयजल संकट बना हुआ है। मेघवाल मोहल्ला, हनुमान बगीची और फकीर वाली गली के लोगों को लंबे समय से पर्याप्त पानी नहीं मिल रहा है।

ग्रामीणों ने बताया कि मुंडिया खेड़ा में पीडब्ल्यूडी ने करीब 15 महीने पहले सड़क खोद दी थीं, लेकिन अब तक उसका निर्माण पूरा नहीं कराया गया। वहीं रामगढ़ मार्ग पर गहरे गड्ढों के कारण हर दिन दुर्घटना का खतरा बना रहता है। नगर पालिका को कई बार शिकायतें देने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हुई।

प्रदर्शनकारियों ने यह भी आरोप लगाया कि नगर पालिका के रिकॉर्ड में तीन कचरा संग्रहण वाहन दर्ज हैं, लेकिन नियमित सफाई नहीं होने से जगह-जगह गंदगी फैली हुई है। इससे लोगों में भारी नाराजगी है।

आंदोलन में करीब 200 ग्रामीण, युवा और स्थानीय नागरिक शामिल हुए। तेज धूप के बीच कई युवक घंटों तक अर्द्धसमाधि में बैठे रहे, जिससे कुछ की तबीयत भी बिगड़ने लगी।

उधर, अर्द्धसमाधि आंदोलन की सूचना मिलने पर राजस्थान विधानसभा में विपक्ष के नेता टीकाराम जूली बहादुरपुर पहुंचे। उन्होंने पहले अर्द्धसमाधि में बैठे युवाओं को बाहर निकलवाया और उनकी स्थिति का जायजा लिया। इसके बाद प्रदर्शनकारियों से बातचीत करके उनकी समस्याएं सुनीं।

श्री जूली ने मौके पर ही अधिकारियों से फोन पर बातचीत करते हुए 15 दिन के भीतर सभी समस्याओं का समाधान कराने के निर्देश दिये। उन्होंने चेतावनी दी कि तय समय में काम नहीं हुआ तो बड़ा जन आंदोलन किया जाएगा।

श्री जूली ने बहादुरपुर के लिए विधायक कोष से एक नए बोरवेल की घोषणा की। साथ ही झाझोर वाले बोरवेल को तत्काल चालू कराने का आश्वासन भी दिया। अधिकारियों ने भी 15 दिन के भीतर समस्याओं के समाधान का भरोसा दिलाया।

श्री जूली ने राज्य सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि बहादुरपुर ही नहीं, नगर पालिका क्षेत्र के अधिकतर गांव मूलभूत सुविधाओं के अभाव से जूझ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार न तो पर्याप्त बजट उपलब्ध करा रही है और न ही व्यवस्थाओं की प्रभावी मॉनिटरिंग कर रही है।

उन्होंने कहा कि मनरेगा मजदूरों का भुगतान अटका हुआ है, प्रधानमंत्री आवास योजना की किस्तें समय पर नहीं मिल रही हैं, कचरा संग्रहण व्यवस्था ठप है और पेयजल संकट लगातार गहराता जा रहा है।

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