अलवर , अप्रैल 25 -- राजस्थान में अलवर के कोतवाली थाना क्षेत्र में स्थित चर्च रोड पर एक दुकान से नकली किताबों की बरामदगी करते हुए करीब दो हजार किताबें जब्त कर लीं।
आधिकारिक सूत्रों ने शनिवार को बताया कि राजस्थान राज्य पाठ्य पुस्तक मंडल, जयपुर के दल ने यह कार्रवाई लंबे समय से मिल रही शिकायतों के आधार पर की। उन्हें इस दुकान पर नकली पाठ्य पुस्तकों की बिक्री की जानकारी मिली थी।
बताया जा रहा है कि जब्त की गई किताबें कक्षा एक से 12वीं तक की हैं, जिन्हें असली पुस्तकों की तरह दिखाकर बेचा जा रहा था। दल ने मौके पर जांच की तो बड़ी संख्या में संदिग्ध पुस्तकें पाई गईं, जिन्हें तुरंत जब्त कर लिया गया। इसके बाद सभी जब्त किताबों को कोतवाली थाने पहुंचाया गया, जहां दुकानदार के खिलाफ कॉपीराइट एक्ट के तहत मामला दर्ज कराया गया है।
सूत्रों के अनुसार, नकली किताबों के इस अवैध कारोबार में दुकानदार को भारी मुनाफा हो रहा था। नकली किताबें कम लागत में तैयार करके अधिक कीमत पर बेची जा रही थीं, जिससे उसे दोगुना लाभ मिल रहा था। इस कारण न सिर्फ सरकार को राजस्व का नुकसान हो रहा था, बल्कि छात्रों और अभिभावकों को भी गुणवत्ता से समझौता करना पड़ रहा था।
राजस्थान राज्य पाठ्यपुस्तक मंडल के सचिव उमेश शर्मा ने बताया कि लगातार शिकायत मिलने के बाद ही कार्रवाई की गई है। जिसमें गरीब दो हजार पुस्तक संदिग्ध रूप से पाई गई हैं जो नकली हैं। इस संबंध में अलवर शहर कोतवाली थाना पुलिस में मामला दर्ज कराया गया है।
राजस्थान राज्य पाठ्य पुस्तक मंडल के दल ने स्पष्ट किया है कि इस तरह के अवैध कारोबार के खिलाफ लगातार कार्रवाई जारी रहेगी। साथ ही अभिभावकों और विद्यार्थियों से आग्रह किया गया है कि वे अधिकृत विक्रेताओं से ही किताबें खरीदें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत संबंधित विभाग को दें।
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