, Aug. 13 -- श्री शर्मा ने कहा कि राजस्थान इनोवेशन चैलेंज के माध्यम से वास्तविक समस्याओं के समाधान के लिए युवाओं और नवाचारकर्ताओं को प्रोत्साहित किया जा रहा है। कृषि, स्वास्थ्य, जल संरक्षण, पर्यटन, खनन और जनसेवा जैसे क्षेत्रों में नई तकनीक आधारित समाधान विकसित करने के लिए साढ़े सात करोड़ रुपये तक की अनुदान सहायता उपलब्ध करायी जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार भविष्य की अर्थव्यवस्था के उभरते हुए नए क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दे रही है। एनीमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग, कॉमिक्स एवं एक्सटेंडेड रियलिटी जैसे तेजी से विकसित हो रहे क्षेत्रों की अपार संभावनाओं को देखते हुए एवीजीसी-एक्सआर नीति लागू की है। उन्होंने कहा कि अटल इनोवेशन स्टूडियो एंड एक्सीलरेटर के जरिये एआई, एवीजीसी-एक्सआर, गेमिंग और रोबोटिक्स जैसे क्षेत्रों में कार्य किया जा रहा है। जयपुर में अटल इनोवेशन स्टूडियो एंड एक्सीलरेटर हब तथा बीकानेर, भरतपुर और उदयपुर में क्षेत्रीय केंद्र विकसित किये जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य राजस्थान को नये, रचनात्मक एवं प्रौद्योगिकी आधारित क्षेत्रों का प्रमुख राष्ट्रीय एवं वैश्विक केंद्र बनाना है। नवाचार से रोजगार, उद्यमिता से अवसर और तकनीक से राजस्थान के युवाओं को नयी ऊंचाइयों तक पहुंचाना है। एआई के क्षेत्र में राजस्थान को अग्रणी बनाने के लिए राजस्थान एआई-एमएल नीति 2026 जारी की गयी। इसके माध्यम से प्रदेश में एआई और मशीन लर्निंग के क्षेत्र में नवाचार, निवेश, कौशल विकास और रोजगार के नये अवसरों को बढ़ावा मिलेगा।
उन्होंने कहा कि राजस्थान के युवा और सरकारी तंत्र को भविष्य की तकनीकों के लिए तैयार करने के क्रम में युवा एआई फोर ऑल कार्यक्रम के तहत प्रदेश के लगभग 4 हजार सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों को एआई का प्रशिक्षण दिया गया है। नागरिकों को व्हाट्सऐप के तहत ई-मित्र की 27 श्रेणियों की 51 सेवाएं मिल रही हैं। आने वाले समय में 58 और सेवाओं को चरणबद्ध रूप से व्हाट्सऐप पर उपलब्ध कराया जायेगा।
उन्होंने कहा कि नयी तकनीकों में कौशल और विशेषज्ञता विकसित करने के लिए राजस्थान में महत्वपूर्ण कदम उठाये जा रहे हैं। जयपुर में ब्रह्मगुप्त सेंटर फोर इंफोर्मेशन टेक्नोलॉजी का संचालन किया जा रहा है। जहां डेटा एनालिटिक्स, साइबर सुरक्षा और ब्लॉकचेन के लिए तीन उत्कृष्टता केंद्र स्थापित किये गये हैं। उन्होंने कहा कि राजस्थान नवाचार, कौशल विकास, एआई, डिजिटल सेवाओं और नयी तकनीकों में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
श्री शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने युवा शक्ति और नवाचार को विकसित भारत-2047 का सबसे बड़ा आधार माना है। वे निरंतर युवाओं को समस्याओं का समाधान खोजने और चुनौतियों को अवसर में बदलने के लिए प्रेरित करते हैं। राजस्थान की सबसे बड़ी ताकत युवाओं की ऊर्जा, प्रतिभा और नवाचार हैं। उन्होंने कहा कि श्रीमती सीतारमण ने रक्षा मंत्री रहते हुए सैन्य उपकरणों में देश को आत्मनिर्भर बनाया। आज उनकी अगुवाई में देश की अर्थव्यवस्था नई ऊंचाइयां छू रही है।
श्रीमती सीतारमण एवं श्री शर्मा ने कार्यक्रम में विभिन्न महत्वपूर्ण पहलुओं का डिजिटल शुभारम्भ, लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इस दौरान उन्होंने राजस्थान स्टार्टअप क्वेस्ट 2026 और सिंगल हॉलिस्टिक प्रोक्योरमेंट पोर्टल का शुभारम्भ, जोधपुर एवं उदयपुर में डिजिटल प्लेनेटेरियम (उप क्षेत्रीय विज्ञान केन्द्र) का शिलान्यास तथा जयपुर में 7डी थियेटर (क्षेत्रीय विज्ञान केन्द्र एवं विज्ञान उद्यान), न्यूक्लियर पावर गैलरी तथा उदयपुर के उप क्षेत्रीय विज्ञान केन्द्र का लोकार्पण किया। साथ ही, भारत के चार शहरों दिल्ली, मुम्बई, हैदराबाद और बेंगलुरु में आई स्टार्ट सुविधा डेस्क स्थापित करने के लिए सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर किये गये। स्वामी केशवानंद इन्स्टीट्यूट ऑफ टेक्नॉलोजी तथा डीओआईटी के मध्य भी एमओयू का हस्ताक्षर हुआ।
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