अलवर , जनवरी 22 -- राजस्थान में अलवर जिले के रामगढ़ कस्बे में इन दिनों खूंखार बंदरों का आतंक लोगों के लिए गंभीर समस्या बनता जा रहा है। अब बंदर घरों की छतों तक सीमित नहीं रहे, बल्कि विद्यालयों में घुसकर मासूम बच्चों को निशाना बना रहे हैं।

ताजा मामला कस्बे के स्टेट बैंक वाली गली के सामने स्थित निजी श्रीकृष्णा मेमोरियल विद्यालय का है, जहां दिनदहाड़े बंदरों की एक उग्र टोली ने विद्यालय परिसर में घुसकर उपद्रव किया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार विद्यालय की सातवीं कक्षा में बच्चे पढ़ाई कर रहे थे। इसी दौरान अचानक बंदरों की टोली खिड़की और दरवाजों से कक्षा में घुस आयी। इससे बच्चे घबरा गये और शोर मचाने लगे। इसी बीच एक खूंखार बंदर ने सातवीं कक्षा के छात्र यश पर हमला कर दिया और उसके कान को बुरी तरह काट लिया। मासूम छात्र खून से लथपथ होकर रोने लगा, जिससे कक्षा में मौजूद अन्य बच्चे दहशत में आ गये।

घटना की सूचना मिलते ही विद्यालय कर्मियों ने घायल छात्र को तुरंत रामगढ़ उप जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका प्राथमिक उपचार किया गया। विद्यालय प्रबंधन से जुड़े अरुण गुप्ता ने बताया कि रामगढ़ में बंदरों का आतंक लगातार बढ़ रहा है, लेकिन जिम्मेदार विभाग अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रहे हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यह पहली घटना नहीं है। कुछ दिन पहले एक महिला के घर में घुसकर बंदरों ने हमला कर उन्हें घायल कर दिया था। इससे पहले भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पदाधिकारी दिनेश चौहान पर भी बंदरों की टोली ने हमला किया था, जिनके कान पर गंभीर चोट आई और जयपुर में प्लास्टिक सर्जरी करानी पड़ी थी। सूत्रों ने बताया कि लगातार हो रहे इन हमलों से कस्बे में भय और आक्रोश का माहौल है। अभिभावक बच्चों को विद्यालय भेजने से डरने लगे हैं।

ग्रामीणों ने इस संबंध में गुरुवार को अलवर जिला कलेक्टर आर्तिका शुक्ला को ज्ञापन सौंप कर बंदरों को पकड़ने की मांग की।

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