अलवर , सितम्बर 14 -- राजस्थान में अलवर नगर निगम के सभी 65 वार्डों के चुनाव परिणाम में किसी भी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिलने के बाद अब महापौर की कुर्सी को लेकर सियासी जोड़-तोड़ का दौर शुरू होने वाला है।
परिणामों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) 28 वार्ड जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, जबकि कांग्रेस को 23 वार्ड मिले हैं। 13 निर्दलीय पार्षद चुनाव जीतकर निगम की सत्ता की चाबी अपने हाथ में ले आए हैं। वहीं बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने एक वार्ड में जीत दर्ज कर निगम में अपना खाता खोला है।
नगर निगम में बहुमत के लिए 33 पार्षदों की जरूरत है। भाजपा बहुमत से महज पांच पार्षद दूर है, जबकि कांग्रेस को बहुमत के लिए 10 पार्षदों की जरूरत होगी। ऐसे में अब दोनों प्रमुख दलों की नजर निर्दलीय पार्षदों पर टिक गई हैं। आने वाले दिनों में निर्दलीय पार्षदों को अपने पक्ष में करने के लिए राजनीतिक सक्रियता तेज होने की संभावना है।
चुनाव परिणामों की सबसे बड़ी चौंकाने वाली बात यह रही कि अलवर शहर विधायक एवं वन एवं पर्यावरण मंत्री संजय शर्मा के वार्ड में भाजपा को हार का सामना करना पड़ा और कांग्रेस प्रत्याशी ने जीत दर्ज की। यह परिणाम भाजपा के लिए स्थानीय स्तर पर बड़ा झटका माना जा रहा है और राजनीतिक गलियारों में इसकी चर्चा शुरू हो गई है।
चुनाव परिणाम में वार्ड एक में निर्दलीय राशिद, वार्ड दो में भाजपा के विष्णु, वार्ड तीन में निर्दलीय मदन राठौड़, वार्ड चार में कांग्रेस की ज्योति, वार्ड पांच में कांग्रेस के केशव, वार्ड छह में कांग्रेस के मुकेश सारवान, वार्ड सात में भाजपा की सुमन लता, वार्ड आठ में निर्दलीय गणेश, वार्ड नौ में निर्दलीय लव कुमार और वार्ड 10 में भाजपा की कविता सोलंकी विजयी रहीं।
वार्ड 11 से भाजपा के देवेंद्र रसगनिया, वार्ड 12 से कांग्रेस के नारायण साई वाल, वार्ड 13 से कांग्रेस की शारदा देवी, वार्ड 14 से भाजपा के रामानुज, वार्ड 15 से कांग्रेस की पुष्पा खटीक, वार्ड 16 से भाजपा के गोविंद कुकरेजा, वार्ड 17 से कांग्रेस की सुरभि, वार्ड 19 से भाजपा के मनीष कुमार, वार्ड 20 से भाजपा की बीना गुर्जर, वार्ड 21 से निर्दलीय मधुरानी, वार्ड 22 से निर्दलीय कुलदीप, वार्ड 23 से कांग्रेस के रवि कपूर और वार्ड 25 से भाजपा के कमलेश यादव विजयी हुए।
इसी प्रकार वार्ड 26 से भाजपा के किरण नागर कुमार, वार्ड 27 से सुनील यादव, वार्ड 28 से भाजपा के दिनेश सैनी, वार्ड 29 से भाजपा की सुमन मीणा, वार्ड 30 से निर्दलीय सुनील यादव, वार्ड 31 से कांग्रेस के पवन कुमार, वार्ड 32 से निर्दलीय चंद्रकांत, वार्ड 33 से कांग्रेस के दीनदयाल, वार्ड 34 से कांग्रेस की ममता सैनी, वार्ड 35 से भाजपा के दीपचंद, वार्ड 36 से भाजपा की अपूर्वा शर्मा, वार्ड 37 से कांग्रेस की सुनीता, वार्ड 38 से भाजपा के श्याम सुंदर, वार्ड 39 से कांग्रेस की कमलेश, वार्ड 41 से भाजपा के लक्ष्मण सिंह और वार्ड 42 से बसपा के सुमित वर्मा ने जीत दर्ज की।
वार्ड 43 से भाजपा के जगदीश अटल, वार्ड 44 से कांग्रेस की मूर्ति देवी, वार्ड 45 से कांग्रेस की सरोज सैनी, वार्ड 46 से निर्दलीय शौकत अली, वार्ड 47 से निर्दलीय शीला देवी, वार्ड 48 से भाजपा की नेहा मनचंदा, वार्ड 49 से भाजपा के अजय पूनिया, वार्ड 50 से कांग्रेस की रजनी सैनी, वार्ड 51 से कांग्रेस के प्रकाश सैनी, वार्ड 52 से कांग्रेस के सुदर्शन अरोड़ा, वार्ड 53 से कांग्रेस के टीकम, वार्ड 54 से कांग्रेस की भावना सोमवंशी, वार्ड 55 से निर्दलीय पूजा, वार्ड 56 से भाजपा के हेतराम यादव, वार्ड 57 से कांग्रेस की प्रतिभा भारद्वाज, वार्ड 58 से भाजपा की मीनू बाघला, वार्ड 59 से श्रद्धा खंडेलवाल, वार्ड 60 से भाजपा के पूरन सैनी, वार्ड 61 से भाजपा की सुनीता, वार्ड 62 से निर्दलीय मीनाक्षी सोनी, वार्ड 63 से निर्दलीय धारा सिंह, वार्ड 64 से भाजपा की सोनू चौधरी और वार्ड 65 से भाजपा के अमन गुप्ता विजयी हुए।
वार्ड 18, 24 और 40 के परिणाम इस सूची में उपलब्ध नहीं हैं, जबकि वार्ड 27 और 59 के दल संबंधी विवरण में भी अस्पष्टता है।
बहुमत किसी के पास नहीं होने के कारण अब निगम की राजनीति का अगला अध्याय निर्दलीय पार्षद लिखेंगे। भाजपा को सत्ता बनाने के लिए पांच पार्षदों की जरूरत है, जबकि कांग्रेस को 10 पार्षद जुटाने होंगे। ऐसे में भाजपा की स्थिति संख्या बल के लिहाज से मजबूत दिखाई दे रही है। हालांकि मेयर चुनाव तक समीकरण कई बार बदल सकते हैं।
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