अलवर , सितम्बर 09 -- राजस्थान में अलवर नगर निगम चुनाव में मतदान अब अंतिम दौर में पहुंच गया है, जबकि अपराह्न बजे तक महज 52.35 प्रतिशत मतदान हुआ है।

मतदान की धीमी गति से राजनीतिक दलों की चिंता बढ़ गयी है। मतदान की धीमी रफ्तार को देखते हुए अब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और कांग्रेस ने अंतिम तीन घंटों में ज्यादा से ज्यादा मतदाताओं को मतदान केंद्र तक पहुंचाने की कवायद तेज कर दी है। प्रत्याशियों और कार्यकर्ताओं को ऐसे मतदाताओं की सूची तैयार करके उन्हें मतदान केंद्र तक लाने के लिए लगाया गया है, जिन्होंने अब तक अपने मताधिकार का इस्तेमाल नहीं किया है।

अलवर नगर निगम में कुल 65 वार्डों के लिए मतदान हो रहा है। सुबह से मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की आवाजाही बनी हुई है, लेकिन अपेक्षाकृत कम मतदान प्रतिशत ने प्रत्याशियों की धड़कनें बढ़ा दी हैं। अब चुनावी मैदान में उतरे उम्मीदवारों और उनके समर्थकों के लिए अंतिम तीन घंटे बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता अपने-अपने समर्थक मतदाताओं से संपर्क करके उन्हें मतदान के लिए बूथ तक पहुंचाने में जुट गये हैं।

मतदान के दौरान अलवर शहर के कई मतदान केंद्रों पर फर्जी मतदान की शिकायतें भी सामने आयीं। शिकायत मिलने पर पुलिस और प्रशासन के दल मौके पर पहुंचे और स्थिति को संभाला।

कुछ स्थानों पर विवाद और हंगामे की स्थिति बनी, लेकिन पुलिस की मौजूदगी में मतदान प्रक्रियाको शांतिपूर्ण तरीके से जारी कराया गया।

इसी बीच, वार्ड नंबर 43 में दो युवकों के साथ मारपीट का मामला भी सामने आया है। आरोप है कि एक राजनीतिक दल के प्रत्याशी के समर्थकों ने दोनों युवकों के साथ मारपीट की। घटना के बाद मामला पुलिस तक पहुंचा और वैशाली नगर थाना पुलिस ने मामला दर्ज करके जांच शुरू कर दी है। कुल मिलाकर अलवर नगर निगम चुनाव में मतदान का अंतिम चरण अब बेहद अहम हो गया है। तीन बजे तक 52.35 फीसदी मतदान के बाद अब राजनीतिक दलों की पूरी ताकत अंतिम घंटों में मत प्रतिशत बढ़ाने और अपने समर्थकों को बूथ तक पहुंचाने में लग गयी है।

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