जयपुर , जुलाई 18 -- राजस्थान साइबर अपराध से अत्यधिक प्रभावित अलवर और डीग जिलों में विशेष अभियान चलाकर एक लाख 37 हजार से ज्यादा सिम ब्लॉक किये गये और 27 ठगों को गिरफ्तार किया गया है।
अलवर पुलिस अधीक्षक सुधीर चौधरी के अनुसार जिले में संस्थागत सहयोग और प्रभावी निगरानी के लिए एक विशेष साइबर विंग एंटी साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर की स्थापना की गयी है, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। पुलिस ने तकनीकी और वित्तीय इंटेलिजेंस का उपयोग कर अपराधियों के सबसे बड़े हथियार सिम कार्ड और मोबाइल पर सीधा प्रहार किया है।
श्री चौधरी ने बताया कि अलवर पुलिस ने प्रतिबिंब पोर्टल के माध्यम से कार्रवाई करते हुए अब तक रिकॉर्ड एक लाख 37 हजार 522 संदिग्ध सिम कार्ड और 53 हजार 536 मोबाइल आईएमईआई नंबरों को ब्लॉक कराया है, जिसके साथ ही अलवर संदिग्ध सिम ब्लॉक करने के मामले में पूरे देश में पहले पायदान पर आ गया है।
लगातार जारी पुलिस की दबिश के कारण अलवर जिले में साइबर ठगों के सक्रिय हॉटस्पॉट लोकेशनों की संख्या गत जनवरी के 1240 से घटकर जून में मात्र 689 रह गयी है। जिले में साइबर संग्राम, साइबर संग्राम 2.0 की अपार सफलता के बाद अब साइबर संग्राम 3.0 अभियान लॉन्च किया गया है, जिसके तहत तकनीकी निरक्षरता को दूर करने के लिए पुलिस अधिकारियों को डिजिटल फॉरेंसिक और टूल्स की एडवांस ट्रेनिंग दी जा रही है।
साइबर ठगी की रकम को खपाने के लिए इस्तेमाल होने वाले फर्जी बैंक खातों के खिलाफ भी पुलिस ने म्यूल हंटर ऑपरेशन चलाकर रिकॉर्ड तोड़ कार्रवाई की है। केवल गत अप्रैल और मई के बीच चलाये गये म्यूल हंटर ऑपरेशन के दौरान अलवर पुलिस ने पूरे प्रदेश में सर्वाधिक 107 प्राथमिकी दर्ज की। वर्ष 2025 में 7,748 म्यूल खाते चिह्नित कर 76 आरोपियों को जेल भेजा गया वहीं इस वर्ष जून तक ही 7,579 नये खाते चिह्नित कर 107 आपराधिक मामले दर्ज किये जा चुके हैं और 92 से अधिक बैंक खाताधारक सलाखों के पीछे भेजे जा चुके हैं।
जिला स्तर पर जारी हेल्पलाइन संख्या 8764874306 और राष्ट्रीय हेल्पलाइन 1930 की तत्परता से ठगी की गयी रकम को होल्ड कराने का प्रतिशत 16.41 प्रतिशत से बढ़कर अब 27.67 प्रतिशत हो चुका है। वैशाली नगर थाने में दर्ज डिजिटल अरेस्ट के एक बड़े मामले में पीड़ितों से वसूली गयी 1.25 करोड़ की राशि में से पुलिस ने 60 लाख रुपये होल्ड करवाकर 22 लाख रुपये वापस भी रिफंड करवा दिये हैं। ताजा अभियान के तहत अलवर पुलिस द्वारा 98 हिस्ट्रीशीटरों/संदिग्धों से गहन पूछताछ नोट तैयार किये गये हैं तथा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 170 के तहत 99 निवारक गिरफ्तारियां की गयी हैं।
समन्वय पोर्टल पर अलवर पुलिस ने एक अगस्त 2025 से अब तक 474 प्राथमिकी और 699 अपराधियों का डेटा अपलोड किया है, जिससे देश के अन्य राज्यों की पुलिस के साथ मिलकर इन अपराधियों को पकड़ा जा सके। पुलिस ने आमजन की सुरक्षा के लिए अब तक 3,313 से अधिक साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर 2.25 लाख से अधिक नागरिकों को ठगी से बचने के उपाय सिखाये हैं।
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