बागलकोट , जुलाई 26 -- महाराष्ट्र के पश्चिमी घाट और ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में मानसून की भारी बारिश की वजह से कर्नाटक में अलमट्टी बांध के 14 गेट खोलकर 67,500 क्यूसेक पानी कृष्णा नदी में छोड़ा गया है।
शनिवार सुबह पानी का बहाव बढ़कर 73,162 क्यूसेक हो जाने के बाद पानी छोड़ने की मात्रा को 42,500 क्यूसेक से बढ़ाकर 67,500 क्यूसेक करना पड़ा। कुल छोड़े गए पानी में से 42,500 क्यूसेक पानी दाहिने किनारे पर स्थित पनबिजली स्टेशन से और 25,000 क्यूसेक पानी स्पिलवे गेट से छोड़ा जा रहा है।
जलाशय तेजी से अपनी पूरी क्षमता की ओर बढ़ रहा है, जल स्तर 519.60 मीटर के 'पूर्ण जलाशय स्तर' (एफआरएल) के मुकाबले 518.60 मीटर तक पहुंच गया है। जलाशय की कुल क्षमता 123.081 टीएमसी है, जिसमें से पानी का भंडारण बढ़कर 106.323 टीएमसी हो गया है। अधिकारियों ने पानी के इस बहाव के बढ़ने का कारण महाराष्ट्र में कृष्णा बेसिन (कोयना, महाबलेश्वर, नवाजा, राधानगरी और दूधगंगा सहित) में लगातार हो रही बारिश और नदी प्रणाली में ऊपर की ओर से छोड़े गए अतिरिक्त पानी को बताया है।
कर्नाटक विद्युत निगम लिमिटेड (केपीसीएल) ने अलमट्टी पनबिजली स्टेशन की सभी छह बिजली उत्पादन इकाईयों के काम करने और 270 मेगावाट बिजली पैदा करने की बात कही है। भारत मौसम विज्ञान विभाग द्वारा ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में लगातार बारिश का अनुमान जताए जाने के बाद अधिकारियों का कहना है कि पानी का बहाव और बढ़ने की उम्मीद है इसे देखते हुए स्थिति के आधार पर जलाशय से पानी छोड़ने की मात्रा में और बदलाव किए जा सकते हैं।
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