चेन्नई , अक्टूबर 28 -- मद्रास विकास अध्ययन संस्थान (एमआईडीएस) के जाने-माने अर्थशास्त्री और सहायक प्राध्यापक ए. कलैयारसन को टीवीके की विधायक के खिलाफ आपत्तिजनक पोस्ट लिखने के आरोप में पुलिस ने हिरासत में ले लिया।
विपक्षी पार्टी द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) और विदुथलाई चिरुथिगल काची (वीसीके) ने घटना की कड़ी निंदा की है। वीसीके तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) सरकार का हिस्सा है।
'द द्रविड़ियन मॉडल' पुस्तक के लेखक श्री कलैयारसन को गुरुवार की तड़के सुबह पुलिसकर्मियों ने अड्यार स्थित उनके घर से हिरासत में ले लिया। आरोप है कि उन्होंने इंस्टाग्राम पर टीवीके की पल्लावरम विधानसभा क्षेत्र की विधायक जे. कामाक्षी के खिलाफ कोई आपत्तिजनक पोस्ट किया था।
रिपोर्टों के अनुसार उन्हें बिना कोई शिकायत या प्राथमिकी दिखाये अवैध रूप से हिरासत में लिया गया और उपनगर पम्मल के शंकर नगर थाना ले जाया जा रहा था। श्री कलैयारसन ने स्पष्ट किया कि उनका ऐसा कोई सोशल मीडिया अकाउंट ही नहीं है, फिर भी उन्हें ले जाया जा रहा था। रास्ते में हालांकि उस गाड़ी को रोक दिया गया जिसमें उन्हें ले जाया जा रहा था और ऊपर से मिले निर्देशों के बाद उन्हें वापस उनके घर छोड़ दिया गया।
श्री कलैयारसन को हिरासत में लिए जाने की खबर जैसे ही फैली, विपक्षी द्रमुक के अध्यक्ष एमके स्टालिन और वीसीके के संस्थापक एवं लोकसभा सांसद थोल. थिरुमावलवन ने इसकी कड़ी निंदा की। इसके बाद चेन्नई सिटी पुलिस ने स्पष्ट किया कि श्री कलैयारसन को गिरफ्तार नहीं किया गया था बल्कि केवल पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया था , हालांकि उन्हें बाद में छोड़ दिया गया।
उन्होंने पुलिस द्वारा अपमानित किये जाने का आरोप लगाते हुए तमिलनाडु के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) महेश कुमार अग्रवाल के पास शिकायत दर्ज करायी और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। इस बीच श्री स्टालिन ने इस घटना की निंदा की और टीवीके के नेतृत्व वाली सरकार पर शिक्षाविदों को डराने-धमकाने और आलोचना को दबाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि प्रोफेसर के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन किया गया है और उनका मोबाइल फोन जब्त कर लिया गया है।
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