काहिरा , जुलाई 08 -- अर्जेंटीना के खिलाफ फीफा विश्व कप के प्री-क्वार्टर फाइनल में 3-2 की विवादित हार के बाद मिस्र में रेफरिंग को लेकर तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली है। सरकारी अधिकारियों, कोच और वैश्विक खेल हस्तियों ने मैच अधिकारियों पर गंभीर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि निर्णायक रेफरिंग गलतियों के कारण मिस्र क्वार्टर फाइनल में जगह बनाने से वंचित रह गया।
मिस्र की टीम मौजूदा विश्व चैंपियन अर्जेंटीना के खिलाफ मुकाबले में 79वें मिनट तक 2-0 से आगे थी, लेकिन अंतिम 11 मिनट में तीन गोल खाकर 3-2 से हार गयी।
विवाद का केंद्र 62वें मिनट में मुस्तफा ज़िको का वह गोल रहा, जिसे वीएआर समीक्षा के बाद बिल्ड-अप में मिस्र के खिलाड़ी द्वारा फाउल मानते हुए रद्द कर दिया गया। इसके अलावा, मैच के अंतिम क्षणों में मोहम्मद सलाह को पेनाल्टी बॉक्स के भीतर गिराये जाने पर भी मिस्र को पेनाल्टी नहीं दी गयी। इसी के तुरंत बाद अर्जेंटीना ने पलटवार करते हुए 92वें मिनट में विजयी गोल दाग दिया।
मिस्र के खेल मंत्री गोहर नबील ने कहा कि राष्ट्रीय टीम के साथ "स्पष्ट रेफरिंग अन्याय" हुआ और मैच के नतीजे में रेफरी के फैसलों ने निर्णायक भूमिका निभायी।
मुख्य कोच होसम हसन ने दावा किया कि मैदान पर मिस्र बेहतर टीम था। उन्होंने आरोप लगाया कि मैच से पहले फ्रांसीसी रेफरी फ्रांस्वा लेटेक्सिएर की नियुक्ति को लेकर अर्जेंटीना की ओर से बनाये गये दबाव का असर रेफरी के फैसलों पर पड़ा। उन्होंने कहा कि मिस्र को स्पष्ट पेनाल्टी से वंचित किया गया और वैध गोल भी गलत तरीके से रद्द कर दिया गया।
फुटबॉल विश्लेषक जेरोनिमो मॉर्गन्स ने कहा कि मिस्र अधिकांश समय बेहतर खेला, लेकिन विवादित फैसलों ने मैच का रुख बदल दिया। उन्होंने कहा, "आज जो देखा, वह फुटबॉल नहीं था, बल्कि पहले से तय पटकथा जैसा था। मिस्र के साथ लूट हुई है।"इस बीच, कई वैश्विक खेल हस्तियों ने भी अर्जेंटीना की जीत पर सवाल उठाये।
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