पटना , फरवरी 20 -- स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने शुक्रवार को बिहार विधानसभा में कहा कि अर्जुन के पेड़ की औषधीय उपयोगिता को देखते हुए सरकार प्रदेश में इसके संरक्षण और संवर्धन पर काम करेगी। मंत्री श्री पांडेय ने आज सदन में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की विधायक मैथिली ठाकुर के ध्यानाकर्षण का जवाब देते हुए कहा कि अर्जुन एक महत्वपूर्ण औषधीय वृक्ष है, जिसकी छाल का प्रयोग हृदय रोग सहित विभिन्न आयुर्वेदिक और आधुनिक दवाओं के निर्माण तथा कई बीमारियों के इलाज में किया जाता है। उन्होंने कहा कि सरकार की तरफ से गठित बिहार राज्य औषधीय पादप बोर्ड ऐसे पेड़ पौधों के संरक्षण,संवर्धन, वैज्ञानिक कटाई, मूल्य संवर्धन तथा विपणन पर काम करता है। उन्होंने कहा कि अर्जुन छाल के औषधीय दोहन में जैव विविधता संरक्षण तथा विभिन्न वन अधिनियमों का भी ख्याल रखना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि अर्जुन के पेड़ से संबंधित औषधीय उपयोगिता और उससे जुड़े अवसर से उनका विभाग अवगत है और वन एवं पर्यावरण, कृषि और उद्योग विभाग के सहयोग से इस सम्बंध में भविष्य की व्यवहारिक तथा विधिसम्मत योजना तैयार की जाएगी, जिससे राज्य में किसानों को लाभ, हर्बल दवाईयों के क्षेत्र में नई प्रगति और युवाओं को रोजगार मिलेगा।
इससे पहले सुश्री ठाकुर ने चार अन्य विधायकों आनन्द मिश्र, कलाधर प्रसाद मंडल, सुजीत कुमार और श्रीमती श्वेता गुप्ता के साथ सदन का ध्यान अर्जुन पेड़ की औषधीय उपयोगिता पर आकर्षित करते हुए कहा कि बिहार के विभिन्न जिलों खासकर उत्तर बिहार यथा अलीनगर विधान सभा क्षेत्र में अर्जुन वृक्ष (औषधीय वृक्ष) की बहुतायत संख्या एक बड़ी आर्थिक और आयुर्वेदिक संपत्ति है, जिसका सही तरीके से उपयोग न केवल रोजगार बल्कि बिहार को हर्वल मेडिसिन का केन्द्र भी बना सकता है। उन्होंने कहा कि अर्जुन वृक्ष के छाल में बौटा साइटोस्टेरॉल, अर्जुनिक अम्ल तथा फ्रीडेलीन की मात्रा होने के कारण छाल से बने अर्जुन घृत, क्षयकाश तथा अर्जुनरिष्ठ दवा के उपयोग से हृदय रोग, क्षय रोग, सुगर जैसी गंभीर बीमारी में मरीजों को लाभ हो रहा है, जिस पर शोधकर्ता भी सहमत है।
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