जयपुर , जुलाई 03 -- राजस्थान में सरकारी योजना अर्जित वेतन अग्रिम आहरण के तहत अब तक 78 हजार कर्मचारियों ने इस योजना का लाभ प्राप्त किया है।

राजस्थान फाइनेंशियल सर्विसेज़ डिलीवरी लिमिटेड (आरएफएसडीएल) के सहयोग से चलायी जा रही यह योजना अपनी तीसरी वर्षगांठ मना रही है और इस अवसर पर आरएफएसडीएल के कार्यकारी निदेशक मनीष माथुर के अनुसार मई 2023 में शुरू हुई यह योजना राजस्थान के सरकारी कर्मचारियों के लिए सबसे महत्वपूर्ण वित्तीय कल्याणकारी पहलों में से एक बन गयी है और अब तक 78 हजार कर्मचारियों ने इसका लाभ प्राप्त किया है और सात लाख से अधिक राज्य कर्मचारी इस योजना का लाभ उठा सकते है।

चिकित्सा संकट, घर की मरम्मत और बच्चों की शिक्षा जैसी अनेक ज़रूरी परिस्थितियों में इस योजना की व्यापक सफलता को देखते हुए कई सार्वजनिक उपक्रमों और अन्य राज्य सरकारों ने भी अपने कर्मचारियों के लिए इसी तरह के वित्तीय सहायता मॉडल को अपनाया है। इस योजना की संरचना जानबूझकर सरल रखी गयी है। यह योजना 12 महीने के नेट वेतन तक की अग्रिम राशि प्रदान करती है। उदाहरण के तौर पर 25 हजार रुपए मासिक नेट वेतन पाने वाला कोई भी सरकारी कर्मचारी बिना किसी जमानत के और बिना बैंक शाखा जाये तीन लाख रुपए तक की अग्रिम राशि अपने बैंक खाते में तुरंत प्राप्त कर सकता है। पुनर्भुगतान की अवधि सहज है और एक महीने और तीन महीने से लेकर 24 महीनों तक। अधिकांश ऋणों के विपरीत, इस योजना में कोई फोरक्लोज़र शुल्क नहीं है और कर्मचारी अपना अग्रिम ऋण किसी भी समय, बिना किसी जुर्माने के बंद कर सकते हैं।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित