ईटानगर , मार्च 16 -- अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) के.टी. परनायक ने सोमवार को यहाँ सूक्ष्म और लघु उद्यमियों के लिए 'बिजनेस ट्रांसफॉर्मेशन प्रोग्राम' का शुभारंभ किया तथा उद्यमियों से उत्पादक संपत्तियों का निर्माण कर राज्य के विकास में योगदान देने का आह्वान किया।
उद्यमशीलता को मजबूत करने के उद्देश्य से आयोजित इस कार्यक्रम में राज्य भर के बड़ी संख्या में उद्यमियों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम में राज्यपाल ने आतिथ्य (हॉस्पिटैलिटी), कचरा प्रबंधन, प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए कोचिंग, स्थानीय भाषाओं के संरक्षण और सामुदायिक सूचना एवं सेवा केंद्रों जैसे क्षेत्रों में उद्यमिता के बेहतरीन अवसरों पर प्रकाश डाला। उन्होंने उद्यमियों को प्रोत्साहित करते हुए इस कार्यशाला का पूरा लाभ उठाने और सफल एवं टिकाऊ उद्यम बनाने के लिए सीखे गए ज्ञान को लागू करने का आग्रह किया।
श्री परनायक ने जोर देकर कहा कि वित्त और बुनियादी ढांचे तक पहुंच महत्वपूर्ण है, लेकिन उद्यमों का विकास उद्यमियों की क्षमताओं को मजबूत करने पर भी निर्भर करता है। उन्होंने कहा कि बिजनेस प्लानिंग, वित्तीय प्रबंधन, मार्केटिंग रणनीतियों और आधुनिक तकनीकों को अपनाना उद्यमों के विकास, नवाचार और व्यापक बाजारों तक पहुंच के लिए आवश्यक है। उन्होंने कौशल विकास और उद्यमिता विभाग, भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) और वोल्वो ग्रुप इंडिया द्वारा इस कार्यक्रम के आयोजन की सराहना करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि यह पहल राज्य के कौशल विकास और उद्यमिता पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करेगी।
राज्यपाल ने राज्य के युवाओं को उद्योग-संरेखित प्रशिक्षण अवसर प्रदान करने के लिए सीआईआई द्वारा 'मल्टी स्किल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट' (एमएसआईटी) स्थापित करने के प्रस्ताव का भी स्वागत किया। उन्होंने कहा कि सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) भारत की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं, जो राष्ट्रीय सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में लगभग 30 प्रतिशत और निर्यात में लगभग 45 प्रतिशत का योगदान देते हैं, जबकि देश भर में 11 करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार प्रदान करते हैं।
श्री परनायक ने कहा कि अरुणाचल प्रदेश में भी एमएसएमई का लगातार विस्तार हो रहा है। खाद्य प्रसंस्करण, पर्यटन, खुदरा सेवाओं, हथकरघा और हस्तशिल्प, निर्माण सेवाओं और लघु स्तर के निर्माण जैसे क्षेत्रों में लगभग 50,000 उद्यम पंजीकृत हैं। ये उद्यम विभिन्न जिलों में स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में नवाचार और स्टार्टअप को गति मिल रही है। पिछले चार वर्षों में, अरुणाचल प्रदेश इनोवेशन एंड इन्वेस्टमेंट पार्क ने 106 स्टार्टअप को 'इनक्यूबेट' किया है, जिनमें से 38 प्रतिशत का नेतृत्व महिलाओं द्वारा किया जा रहा है।
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