रायपुर, मई 07 -- छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण मंत्री अरुण साव ने आज विभागीय मुख्य अभियंताओं की बैठक लेकर सड़कों एवं पुल-पुलियों के निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की।
बैठक नवा रायपुर स्थित विश्राम भवन में आयोजित की गई। उन्होंने बैठक में निर्देश दिए कि प्रशासकीय स्वीकृति के बाद तकनीकी स्वीकृति और टेंडर की प्रक्रिया को तत्परता से पूर्ण कर कार्य शीघ्र प्रारंभ किया जाए। उन्होंने कहा कि सभी मुख्य अभियंता कार्यालयों को कॉर्पोरेट दफ्तरों की तरह पूरी क्षमता और दक्षता के साथ कार्य करना होगा तथा कार्य संस्कृति में सुधार लाते हुए फील्ड से लेकर कार्यालय स्तर तक तेज गति और जवाबदेही सुनिश्चित की जाए।
उप मुख्यमंत्री ने परफॉर्मेंस गारंटी वाली सड़कों की नियमित निगरानी के निर्देश देते हुए कहा कि जिन सड़कों की स्थिति खराब पाई जाती है, उनकी मरम्मत संबंधित ठेकेदारों से तत्काल कराई जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसी सड़कों की खराब स्थिति पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग संभाग के मुख्य अभियंता को भारत सरकार के साथ निरंतर समन्वय कर स्वीकृतियों और कार्यों में तेजी लाने के निर्देश भी दिए।
श्री अरुण साव ने सभी मुख्य अभियंताओं को प्राथमिकता वाले कार्यों की स्वयं निगरानी करने तथा प्रत्येक सप्ताह फील्ड निरीक्षण कर प्रगति की समीक्षा करने को कहा। उन्होंने कहा कि नई सड़कों के निर्माण और चौड़ीकरण के लिए कलेक्टरों के साथ समन्वय कर भू-अर्जन की प्रक्रियाओं में तेजी लाई जाए।
उन्होंने ब्लैक स्पॉट्स को दूर करने तथा सड़क एवं पुल निर्माण कार्यों में सड़क सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही निर्माण कार्यों एवं सामग्रियों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने और सभी कार्य समय-सीमा में पूर्ण करने को कहा।
उन्होंने कहा कि लंबे समय तक लंबित रहने वाले कार्य विभाग की छवि को प्रभावित करते हैं, इसलिए किसी भी स्थिति में देरी स्वीकार्य नहीं होगी।
बैठक में लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता वी.के. भतपहरी, अपर सचिव एस.एन. श्रीवास्तव, सभी परिक्षेत्रों के मुख्य अभियंता तथा सेतु संभाग और राष्ट्रीय राजमार्ग संभाग के मुख्य अभियंता उपस्थित रहे।
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