ईटानगर , जून 17 -- अरुणाचल प्रदेश सरकार और राष्ट्रीय जलविद्युत निगम (एनएचपीसी) ने दिबांग घाटी जिले में 3,097 मेगावाट की एटालीन जलविद्युत परियोजना के विकास के लिए एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किये हैं।
मुख्यमंत्री पेमा खांडू, उप मुख्यमंत्री चौना मीन, एनएचपीसी के निदेशक (परियोजना) संजय कुमार सिंह तथा राज्य सरकार व एनएचपीसी के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में मंगलवार को इस समझौते पर हस्ताक्षर किये गये।
इस सहमति पत्र पर एनएचपीसी के समूह महाप्रबंधक दीपक रतन सागर और अरुणाचल प्रदेश सरकार के संयुक्त सचिव (जलविद्युत) हागे लैलांग ने आधिकारिक तौर पर हस्ताक्षर किये। यह देश की सबसे महत्वाकांक्षी जलविद्युत परियोजनाओं में से एक के विकास में एक नये अध्याय की शुरुआत है।
श्री खांडू ने इस परियोजना को एक बड़ा बदलाव लाने वाली पहल बताया और कहा कि एटालीन जलविद्युत परियोजना पूरी होने पर सालाना लगभग 11,600 मिलियन इकाई स्वच्छ ऊर्जा का उत्पादन करेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा, "यह इस तरह का विकास है जो सब कुछ बदल देता है। यह राष्ट्रीय ग्रिड को मजबूत करता है, आर्थिक विकास को बढ़ावा देता है और दूरदराज के उन क्षेत्रों में बुनियादी ढांचा, नौकरियां और अवसर लाता है जो ध्यान एवं निवेश के हकदार हैं।"श्री खांडू ने विश्वास व्यक्त किया कि एनएचपीसी विकास प्रक्रिया में स्थानीय समुदायों की भागीदारी सुनिश्चित करते हुए इस परियोजना को पर्यावरण के अनुकूल और जिम्मेदारी से पूरा करेगी।
एनएचपीसी के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक भूपेंद्र गुप्ता ने कहा कि यह परियोजना राज्य की विशाल जलविद्युत क्षमता का पर्यावरण के अनुकूल और स्थानीय लोगों को ध्यान में रखकर उपयोग करने के लिए एनएचपीसी और अरुणाचल प्रदेश सरकार के साझा दृष्टिकोण को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि इस परियोजना से लंबे समय तक सामाजिक-आर्थिक लाभ मिलने, आजीविका के अवसर पैदा होने और क्षेत्रीय विकास में महत्वपूर्ण योगदान मिलने की उम्मीद है।
श्री गुप्ता ने कहा, "शुरू होने के बाद, 3,097 मेगावाट की एटालीन जलविद्युत परियोजना देश की सबसे बड़ी जलविद्युत परियोजना होगी। यह देश के स्वच्छ ऊर्जा बदलाव, ऊर्जा सुरक्षा और सतत विकास लक्ष्यों में एक बड़ा योगदान देगी।"इस बीच, मुख्यमंत्री ने जलविद्युत विकास पर एक संचालन समिति की बैठक की भी अध्यक्षता की, जिसके दौरान केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों और स्वतंत्र बिजली उत्पादकों द्वारा लागू की जा रही जलविद्युत परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गयी।
श्री खांडू ने कहा कि चल रही सभी परियोजनाओं, उनकी बाधाओं और उन्हें पूरा करने की समय-सीमा की विस्तार से जांच की गयी है। उन्होंने इन्हें समय पर पूरा करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
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