ईटानगर , जुलाई 17 -- अरुणाचल प्रदेश मंत्रिमंडल ने शुक्रवार को कई अहम नीतिगत फैसलों और विकास योजनाओं को मंज़ूरी दी।
मुख्यमंत्री पेमा खांडू के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने 10 साल पूरे कर लिए हैं। श्री खांडू की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में सरकार ने अगले तीन वर्षों (2026-2029) में चार प्रमुख कार्यक्रमों मुख्यमंत्री राज्य सड़क विकास योजना, मुख्यमंत्री ग्रामीण सड़क विकास कार्यक्रम, मुख्यमंत्री व्यापक बिजली विकास कार्यक्रम और मिशन शिक्षित अरुणाचल के लिए 7,834 करोड़ रुपये के निवेश को मंज़ूरी दी।
राज्य की दीर्घकालिक विकास रणनीति पर ज़ोर देते हुए श्री खांडू ने कहा कि मंत्रिमंडल ने 'अरुणाचल मानव पूंजी एवं आर्थिक परिवर्तनकारी विज़न 2036' भी शुरू किया है। इस पहल का मकसद अगले दशक में कुशल कार्यबल की अनुमानित मांग को पूरा करना है।
राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (एनएसडीसी ) और केंद्रीय कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय के आकलन का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अरुणाचल प्रदेश को अगले 10 वर्षों में लगभग तीन लाख कुशल कार्यबल की आवश्यकता होगी, और 'विज़न 2036' रोडमैप इस अंतर को पाटने में मदद करेगा।
श्री खांडू ने कहा कि सरकार चालू वित्त वर्ष के दौरान लगभग 500 सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) की स्थापना और विस्तार में मदद करके नए उद्यमियों और मौजूदा व्यवसायों का समर्थन करेगी। मंत्रिमंडल ने मधुमक्खी पालन को बढ़ावा देने और राज्य के शहद उत्पादन क्षेत्र को मजबूत करने के लिए 'अरुणाचल एपिकल्चर एंड हनीबी पॉलिसी' को भी मंजूरी दी।
एक और अहम फैसले में, कैबिनेट ने राज्य सरकार के कुछ विभागों में भर्ती के लिए पूर्व-अग्निवीरों को 20 प्रतिशत नौकरी आरक्षण देने को मंजूरी दी। यह आरक्षण नौ विभागों और बलों पर लागू होगा, जिनमें अरुणाचल आर्म्ड पुलिस बटालियन (एएपीबीएन), अरुणाचल प्रदेश पुलिस (एपीपी), भारतीय रिजर्व बटालियन (आईआरबीएन), अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाएँ, मिनरल गार्ड्स, वन प्रहरी , विशेष बाघ संरक्षण बल, वन विभाग और जेल वार्डन शामिल हैं।
इस कदम का मकसद केंद्र सरकार की अग्निपथ योजना के तहत अपना कार्यकाल पूरा करने वाले अग्निवीरों को रोजगार के अवसर प्रदान करना है, साथ ही राज्य की सुरक्षा और प्रवर्तन एजेंसियों में उनके कौशल और अनुभव का लाभ उठाना है।
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