ईटानगर , जून 16 -- अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई अरुणाचल प्रदेश कैबिनेट की बैठक में राज्य के आर्थिक विकास को गति देने, शासन को मजबूत करने और रोजगार के अवसर बढ़ाने के उद्देश्य से कई नीतिगत फैसलों और सुधारों को मंजूरी दी गई।

कैबिनेट ने सबसे अहम फैसले के तहत 'अरुणाचल प्रदेश सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (स्थापना और संचालन की सुविधा) अध्यादेश, 2026' को हरी झंडी दी। इसका मकसद नए उद्यमियों के लिए कागजी कार्रवाई को आसान बनाना है। इसके तहत योग्य एमएसएमई तय नियमों के दायरे में रहकर सिर्फ एक स्व-घोषणा के जरिए अपना काम शुरू कर सकेंगे। इस बड़े सुधार से राज्य में 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' को बढ़ावा मिलेगा, नई पीढ़ी के लोग व्यापार के लिए प्रेरित होंगे और औद्योगिक विकास तेज होगा।

इसके साथ ही, कैबिनेट ने सरकार के प्रमुख मिशन 'शिक्षित भारत से शिक्षित अरुणाचल' की प्रगति की समीक्षा की। इस मिशन के पहले चरण (2023-2026) के दौरान स्कूल बुनियादी ढांचे, शिक्षकों की तैनाती, डिजिटल शिक्षा और संस्थागत सुधारों को मजबूत करने के लिए 3,612.50 करोड़ रुपये का निवेश किया गया है। इसके दूसरे चरण के लिए प्रस्तावित 1,500 करोड़ रुपये के निवेश के साथ, साल 2029 तक इस मिशन के तहत कुल निवेश 5,100 करोड़ रुपये से अधिक होने की उम्मीद है। समीक्षा के दौरान बताया गया कि स्कूल नेटवर्क को तर्कसंगत बनाते हुए स्कूलों की संख्या 2,890 से घटाकर 1,885 की गई है, साथ ही अरुणाचल प्रदेश स्थानांतरण और तैनाती अधिनियम 2026 तथा डिजिटल शिक्षक रजिस्ट्री पोर्टल को लागू किया गया है, जिससे सीबीएसई परीक्षा परिणामों और शैक्षिक बुनियादी ढांचे में सुधार हुआ है।

जमीन के नियमों को लेकर भी कैबिनेट ने बड़ा फैसला किया है। 'अरुणाचल प्रदेश लैंड सेटलमेंट एंड रिकॉर्ड्स रूल्स (एपीएलएसआर), 2012' में संशोधन कर जमीन के इस्तेमाल से जुड़ी प्रक्रियाओं को आसान बनाया गया है। अब मास्टर प्लान के दायरे में आने वाली कृषि भूमि का उपयोग मास्टर प्लान की शर्तों के मुताबिक अपने आप परिवर्तित माना जाएगा। इसके लिए अलग से अनुमति लेने की जरूरत नहीं होगी।

बैठक में 'मुख्यमंत्री व्यापक राज्य ग्रामीण सड़क विकास कार्यक्रम' (सीएम-सीएसआरआरडीपी) के रोडमैप पर भी चर्चा हुई। इसका लक्ष्य साल 2029 तक 250 से कम आबादी वाले उन सभी गांवों को पक्की सड़कों से जोड़ना है जहां अभी तक रास्ता नहीं है। इस कार्यक्रम के तहत अगले तीन वित्तीय वर्षों में 2,000 करोड़ रुपये के चरणबद्ध निवेश से लगभग 6,567 किलोमीटर सड़क नेटवर्क के जरिये कुल 1,129 गांवों को जोड़ने की योजना है।

इसके साथ ही, सहकारी क्षेत्र को मजबूत करने के लिए 'राष्ट्रीय सहकारी नीति 2025' के अनुरूप 'अरुणाचल प्रदेश सहकारी नीति 2026' को मंजूरी दी गई है। यह नीति सहकारी संस्थाओं के पुनरुद्धार और डिजिटल प्रशासन प्रणाली को सुदृढ़ करने पर केंद्रित है।

सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे युवाओं और कांट्रैक्ट पर काम कर रहे शिक्षकों को भी कैबिनेट ने बड़ी राहत दी है। साल 2022 में अरुणाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग की भर्ती परीक्षाओं के लिए आवेदन करने वाले जो उम्मीदवार परीक्षाओं में देरी के कारण अपात्र हो गए थे, उन्हें अधिकतम आयु सीमा में एक साल की अतिरिक्त छूट दी गई है। माध्यमिक शिक्षा विभाग में राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के तहत काम कर रहे 74 संविदा टीजीटी शिक्षकों को नियमित करने के लिए नियमों को आसान बनाया गया है, ताकि उन्हें प्रमोशन कोटे से स्थायी नौकरी दी जा सके।

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