ईटानगर , मार्च 03 -- अरुणाचल प्रदेश के तिरप जिले में सुरक्षा बल को उस समय एक बड़ी कामयाबी हासिल हुई, जब प्रतिबंधित यूनाइटेड लिबरेशन फ्रंट ऑफ असम (स्वतंत्र) (उल्फा-आई) के एक उग्रवादी ने खोंसा में सुरक्षा वालों की संयुक्त टीम के सामने आत्मसमर्पण कर दिया।

होरू चिंगहान के जनरल एरिया में एक उग्रवादी के होने की पक्की खुफिया इनपुट पर कार्रवाई करते हुए तिरप पुलिस ने केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की 36 बटालियन और सीओबी नोग्लो से असम राइफल्स की खोंसा बटालियन के साथ समन्वय में एक केंद्रित संयुक्त अभियान शुरू किया।

संदिग्ध जगह पर पहुंचने के बाद सुरक्षा बलों ने स्थानीय स्रोत को सक्रिय करके बागी से संपर्क किया और उसे हथियार डालने के लिए मनाया। लगातार बातचीत के बाद आखिरकार उग्रवादी हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में लौटने के लिए मान गया।

इसके बाद उग्रवादी को सीओबी नोग्लो में हिरासत में ले लिया गया और उसकी पहचान खुद को सेकंड लेफ्टिनेंट बताने वाले 31 वर्षीय बिटुल बरुहा के तौर पर हुई है, जो उल्फा (आई) गुट से जुड़ा है।

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