ईटानगर , अप्रैल 25 -- सार्वजनिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुये अरुणाचल प्रदेश ने अपने 27 में से 19 जिलों को मलेरिया मुक्त घोषित कर दिया है। यह वर्ष 2027 तक राज्य से मलेरिया उन्मूलन के लक्ष्य की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति का प्रतीक है।

इस उपलब्धि की घोषणा शनिवार को स्वास्थ्य सेवा निदेशालय के सम्मेलन कक्ष में स्वास्थ्य सेवा विभाग के अंतर्गत राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण केंद्र (एनसीवीबीडीसी) द्वारा 'विश्व मलेरिया दिवस 2026' के आयोजन के दौरान की गई। इस अवसर पर स्वास्थ्य सेवा के उपनिदेशक सह राज्य कार्यक्रम अधिकारी डॉ. के. टी. मुलुंग ने इस विकास को राज्य की मलेरिया उन्मूलन यात्रा में एक "महत्वपूर्ण मील का पत्थर" बताया। उन्होंने इस सफलता का श्रेय निरंतर जागरूकता अभियानों, प्रभावी निगरानी, समय पर जांच और उपचार तथा विभिन्न विभागों के बीच मजबूत समन्वय को दिया।

डॉ. मुलुंग ने मलेरिया के मामलों में निरंतर गिरावट पर प्रकाश डालते हुये सूचित किया कि राज्य में वर्ष 2025 में केवल 32 मामले सामने आए, जिससे अरुणाचल प्रदेश कम मलेरिया भार वाली श्रेणी में आ गया है। मलेरिया मुक्त घोषित जिलों में अंजाव, दिबांग घाटी, पूर्वी कामेंग, पूर्वी सियांग, कामले, क्रा दादी, कुरुंग कुमे, लेपाराडा, लोंगडिंग, निचली दिबांग घाटी, निचला सियांग, निचला सुबनसिरी, नामसाई, पक्के केसांग, सियांग, तवांग, ऊपरी सुबनसिरी, पश्चिम कामेंग और पश्चिम सियांग शामिल हैं।

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