ईटानगर , मार्च 30 -- अरुणाचल प्रदेश ने रविवार रात मुंबई के द वेस्टिन मुंबई पवई लेक में आयोजित प्रतिष्ठित टाइम्स फूड एंड नाइटलाइफ अवॉर्ड्स में राज्य की समृद्ध और विविधतापूर्ण पाक विरासत का प्रदर्शन किया।
राज्य का प्रतिनिधित्व करते हुए एक विशेष स्टॉल पर पारंपरिक शाकाहारी व्यंजनों का चयनित संग्रह रखा गया, जिसमें अमिन, चंबाई, तासे, काला चावल और चुरपी जैसे व्यंजन शामिल थे। साथ ही स्थानीय जड़ी-बूटियों से तैयार किए गए विभिन्न मसालों और अचारों का भी प्रदर्शन किया गया। इस प्रदर्शनी में अरुणाचल प्रदेश के अनोखे स्वादों, सामग्रियों और पाक परंपराओं को प्रमुखता दी गई।
मुंबई के 34 प्रसिद्ध रेस्तरां की भागीदारी के बीच अरुणाचल प्रदेश का स्टॉल मेहमानों का खास ध्यान आकर्षित करने में सफल रहा। अतिथियों में आतिथ्य उद्योग के विशेषज्ञ, इन्फ्लुएंसर्स और मीडिया प्रतिनिधि शामिल थे। स्टॉल पर परोसे गए सिग्नेचर पेय जैसे सुमाक कोल्ड ब्रू और स्मोक्ड ग्रीन टी मेहमानों के बीच बेहद लोकप्रिय रहे और लोग इनके स्वाद लेने के लिए कतार में खड़े नजर आए।
यह पहल अरुणाचल प्रदेश की आदिवासी व्यंजनों को राष्ट्रीय स्तर पर प्रमोट करने के लिए एक रणनीतिक मंच साबित हुई। इससे प्रीमियम दर्शकों के बीच राज्य की पाक कला की व्यापक सराहना हुई। साथ ही पाककला और पर्यटन क्षेत्र में सहयोग की नई संभावनाएं भी खुलीं, जिससे अरुणाचल प्रदेश को सांस्कृतिक और गैस्ट्रोनॉमिक (खाद्य-पर्यटन) गंतव्य के रूप में मजबूती मिली।
एक समाचारपत्र समूह की ओर से आयोजित यह कार्यक्रम भारत के प्रमुख मंचों में से एक माना जाता है, जो खाद्य और आतिथ्य उद्योग में उत्कृष्टता का जश्न मनाता है। इसमें देश भर के शीर्ष शेफ, रेस्तरां मालिक और उद्योग के हितधारक शामिल होते हैं। स्टॉल का नेतृत्व शेफ पिंकी वियो ने किया, जिनका साथ टेची सीमा, सीमा डोडुम ग्यमार और यामी वियो ने दिया।
यह पहल अरुणाचल प्रदेश सरकार के स्किल डेवलपमेंट एंड एंटरप्रेन्योरशिप विभाग द्वारा पर्यटन विभाग के समन्वय से की गई थी। स्टॉल को टेस्ट पैलेट बाय जुंग्नू गुप्ता द्वारा क्यूरेट किया गया था।
मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि इस कार्यक्रम में राज्य की पाक विरासत केंद्र में रही। उन्होंने जोर देकर कहा कि अरुणाचल प्रदेश की आदिवासी व्यंजन केवल भोजन नहीं, बल्कि वहाँ की जनजातियों की पहचान, संस्कृति और कहानी का प्रतिनिधित्व करते हैं। साथ ही यह सांस्कृतिक और गैस्ट्रोनॉमिक पर्यटन के नए रास्ते भी खोलते हैं।
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