ईटानगर , जनवरी 31 -- मुख्यमंत्री पेमा खांडू की अध्यक्षता में अरुणाचल प्रदेश मंत्रिमंडल ने शनिवार को शासन व्यवस्था को सुदृढ़ करने, पारदर्शिता बढ़ाने, सेवा वितरण में सुधार और समावेशी विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कई अहम फैसलों को मंजूरी दी।

कैबिनेट की बैठक दिबांग घाटी जिले के मुख्यालय अनीनी में राज्य सरकार की कैबिनेट आपके द्वार पहल के तहत आयोजित की गई, जो विकेंद्रीकृत और जन-केंद्रित शासन की दिशा में एक और कदम है।

मंत्रिमंडल ने अरुणाचल प्रदेश कर्मचारी चयन बोर्ड (एपीएसएसबी) के सुचारू संचालन को सुनिश्चित करने के लिए अरुणाचल प्रदेश कर्मचारी चयन (संशोधन) अध्यादेश, 2025 को विधेयक से बदलने को मंजूरी दी। इसके तहत पात्र सेवानिवृत्त अधिकारी को भी एपीएसएसबी का अध्यक्ष नियुक्त करने का प्रावधान किया गया है, जिससे बार-बार तबादलों के कारण होने वाली बाधाएं दूर होंगी।

इसके साथ ही, अरुणाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग (एपीपीएससी) के कामकाज को मजबूत करने के लिए एकल सदस्यीय जांच आयोग की सिफारिशों पर आधारित सुधारात्मक उपायों को मंजूरी दी गई। सरकार ने निष्पक्ष, पारदर्शी और प्रभावी भर्ती प्रणाली में भरोसा जताया।

इसके साथ ही बड़े जलविद्युत प्रोजेक्ट्स की वित्तीय व्यवहार्यता बढ़ाने के लिए मंत्रिमंडल ने कलई-द्वितीय जलविद्युत परियोजना (1200 मेगावाट) और अट्टुनली परियोजना (680 मेगावाट) के लिए एसजीएसटी प्रतिपूर्ति रियायतों को मंजूरी दी। ये परियोजनाएं क्रमशः अंजॉ जिले की लोहित नदी और दिबांग घाटी की टैंगन (तालो) नदी पर स्थित हैं।

करीब 21,700 करोड़ रुपये के निवेश वाली इन परियोजनाओं से सालाना लगभग 458 करोड़ रुपये मुफ्त बिजली और 84 करोड़ रुपये स्थानीय क्षेत्र विकास निधि (एलएडीएफ) के रूप में मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा, बड़े पैमाने पर रोजगार और स्वरोजगार के अवसर भी सृजित होंगे।

परियोजनाओं में स्थानीय जनजातीय समुदायों के लिए रोजगार- ग्रुप ए और बी में 25 प्रतिशत और ग्रुप सी और डी में 50 प्रतिशत तथा कुशल और अकुशल श्रमिकों में 25 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया गया है।

मंत्रिमंडल ने परियोजना प्रभावित परिवारों (पीएएफएस) को भूमि मुआवजे और पुनर्वास पैकेज के अतिरिक्त, परियोजना की पूरी अवधि तक वार्षिकी अनुदान देने को भी मंजूरी दी, जिससे वे दीर्घकालिक भागीदार बन सकें।

बैठक में छोटी जलविद्युत परियोजनाओं को पुनर्जीवित करने के लिए आरओओटी नीति, 2026 (नवीनीकरण-स्वामित्व-संचालन-हस्तांतरण) को स्वीकृति दी गई। साथ ही, जलविद्युत विकास विभाग में सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर (सिविल) पदोन्नति के लिए भर्ती नियमों में एकमुश्त छूट दी गई।

समावेशी शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए विशेष शिक्षा में 150 शिक्षकों के नए पद सृजित करने की मंजूरी दी गई, जिनमें 75 प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक और 75 प्राथमिक शिक्षक शामिल हैं।

मंत्रिमंडल ने इलेक्ट्रॉनिक इनर लाइन परमिट प्रणाली लागू करने को मंजूरी दी, जिससे पारदर्शिता और आगंतुक सुविधा बढ़ेगी।

इसके अलावा, अरुणाचल प्रदेश जन विश्वास (संशोधन) विधेयक, 2026 को मंजूरी दी गई, जिसके तहत छोटे अपराधों को अपराध की श्रेणी से बाहर कर कारावास के बजाय आर्थिक दंड का प्रावधान किया गया है।

ग्रामीण शासन को मजबूत करने के लिए जिला परिषदों में 99 कनिष्ठ अभियंता और 99 अपर डिवीजन क्लर्क पदों के सृजन को स्वीकृति दी गई। स्वास्थ्य विभाग में विशेषज्ञों की भर्ती के लिए अनुभव शर्तों में एकमुश्त छूट और छह फिजियोथेरेपिस्ट पदों के सृजन को भी मंजूरी दी गई।

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