ईटानगर , अक्टूबर 24 -- अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने सियांग अपर बहुउद्देश्यीय परियोजना (एसयूएमपी) के विरोध में सियांग, अपर सियांग और ईस्ट सियांग जिलों में बुलाए गए 12 घंटे के बंद के बाद पासीघाट में हुई तोड़फोड़, लूटपाट और संपत्ति के नुकसान की निंदा की। उन्होंने सभी पक्षों से बातचीत के जरिए अपने मतभेद सुलझाने का आग्रह किया।

श्री खांडू ने शनिवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि शुक्रवार को सियांग और अपर सियांग जिलों में तथा दिन के समय पासीघाट में बंद काफी हद तक शांतिपूर्ण रहा। बंद खत्म होने के बाद पासीघाट में तोड़फोड़ और लूटपाट की घटनाएं सामने आईं, जो शनिवार तड़के लगभग 3:30 बजे तक चलती रहीं। नुकसान पहुंची संपत्तियों में एक पुलिस थाना, आदि बाने केबांग (एबीके) परिसर और एनएचपीसी का कार्यालय शामिल है।

रिपोर्टों के अनुसार स्थानीय विधायकों ओनी पान्यांग और निनॉन्ग एरिंग के साथ-साथ प्रदेश भाजपा अध्यक्ष कालिंग मोयोंग के आवासों में भी तोड़फोड़, लूटपाट और चोरी की घटनाएं हुईं। शांतिपूर्ण प्रदर्शन के लोकतांत्रिक अधिकार को स्वीकार करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदर्शन कानून के दायरे में रहने चाहिए और इनसे संपत्ति को नुकसान या कानून-व्यवस्था बाधित नहीं होनी चाहिए।

उन्होंने इन घटनाओं को दुर्भाग्यपूर्ण बताया और समाज के सभी वर्गों से शांति बनाए रखने की अपील की। एसयूएमपी के मुद्दे पर श्री खांडू ने दोहराया कि राज्य सरकार परियोजना के संभावित फायदों, दुष्प्रभावों और अन्य आशंकाओं को लेकर संगठनों, संघों तथा सामुदायिक प्रतिनिधियों से चर्चा के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि हितधारक सरकार से सवाल करने, स्पष्टीकरण मांगने और सीधी बातचीत के जरिए अपने विचार रखने के लिए स्वतंत्र हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार ने संपर्क प्रयास शुरू किए हैं और संगठनों को बातचीत में शामिल होने का न्योता दिया है। श्री खांडू ने सियांग क्षेत्र के संगठनों के प्रतिनिधियों से ईटानगर, पासीघाट या उनकी सुविधा के अनुसार किसी भी अन्य स्थान पर मिलने का प्रस्ताव रखा। उन्होंने एसयूएमपी मुद्दे पर चर्चा के लिए संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ हितधारकों के सुझाए गए स्थान पर जाने की इच्छा भी जताई।

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