ईटानगर , जून 25 -- अरुणाचल प्रदेश के केयी पान्योर जिले के पूसा इलाके में भारी बारिश के बाद आयी अचानक बाढ़ और भू-स्खलन से लापता चार लोगों को बचाव दल और वायुसेना की मदद से ढूंढने के प्रयास किये जा रहे हैं।

राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र (एसईओसी) के अनुसार बचाव टीमों ने आपदा के दूसरे दिन गुरुवार सुबह 6:30 बजे फिर से अभियान शुरू किया। जिला प्रशासन, पुलिस, राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ), उत्तर-पूर्वी विद्युत शक्ति निगम लिमिटेड (एनईईपीसीओ), पूर्व सैनिक और स्थानीय स्वयंसेवक प्रभावित इलाके में बचाव अभियान चलाये हुए हैं। मूसलाधार बारिश से अचानक आयी बाढ़ ने पूसा में एनईईपीसीओ कॉलोनी के आसपास के रिहायशी इलाकों और बुनियादी ढांचों को बहुत नुकसान पहुंचाया। प्रारंभिक रिपोर्ट से पता चला है कि लगभग 18 घरों और रिहायशी इलाकों को नुकसान पहुंचा है, हालांकि अभी भी जांच जारी है।

आपदा में पांच लोगों के लापता होने की खबर थी। अधिकारियों ने पुष्टि की कि बुधवार को तलाशी अभियान के दौरान बचाव दल को वीकेवी एनईईपीसीओ, यजाली की शिक्षक निर्मला गुप्ता (35) का शरीर मिला, जिससे लापता लोगों की संख्या घटकर चार हो गयी। बाकी लापता लोगों की पहचान इलेश मारक (13), बलारी मारक (30), ताओ अंजिना (46) और सौरव कुमार के रूप में हुई है।

इस घटना में 17 लोग घायल हुए। जिला अस्पताल जीरो में भर्ती सात घायलों में से एक अभी भी गंभीर रूप से घायल है। तीन निगरानी में हैं और तीन को इलाज के बाद छुट्टी दे दी गयी है। एक खास बचाव अभियान में बिष्णु सिन्हा (18) जो बांध के तालाब में फंसे हुए थे, उन्हें पुलिस और एसडीआरएफ के लोगों ने सफलतापूर्वक बचाया। भारतीय वायु सेना ने भी प्रभावित इलाके में और एसडीआरएफ के लोगों और बचाव के सामान को एयरलिफ्ट करके जरूरी मदद की।

इस बीच, कई जगहों पर सड़क संपर्क बहाल करने का काम चल रहा है। पोटिन की ओर सड़क पर रुकावटें हटाने के लिए पिटापूल की तरफ से दो जेसीबी मशीनें लगायी गयी हैं, जबकि क्रा दादी और कामले जिलों से ट्रेलर ट्रकों का इंतजाम किया गया है। सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) किमिन की तरफ से सड़क साफ करने का काम जारी रखे हुए है, जबकि राजमार्ग विभाग की टीमें होज की तरफ से उसी समय काम कर रही हैं।

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