ईटानगर , जुलाई 08 -- अरुणाचल प्रदेश कर्मचारी कल्याण महासंघ ने राज्य सरकार से पात्र राज्य कर्मचारियों के बच्चों का शिक्षा भत्ता (सीईए) एवं परिवहन भत्ता (टीए) लागू करने का यह कहते हुए आग्रह किया है कि छठे एवं सातवें केंद्रीय वेतन आयोग की सिफारिशों के लाभ अभी तक लागू नहीं किये गये हैं जबकि राज्य सरकार ने वेतन पैनल की सिफारिशें अपना ली हैं।

अरुणाचल प्रदेश सरकार में वित्त विभाग आयुक्त को सौंपे गए एक विस्तृत ज्ञापन पत्र में संघ ने सरकार से अनुरोध किया कि वह 15 दिनों के भीतर दोनों भत्तों को स्वतः लागू करे।

संघ ने कहा कि भले ही अरुणाचल प्रदेश ने 2008 में छठे केंद्रीय वेतन आयोग और 2016 में सातवें केंद्रीय वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू किया लेकिन इस दौरान पात्र राज्य सरकार के कर्मचारियों को कथित रूप से सीईए एवं टीए नहीं दिया गया है।

शिक्षकों के एक संगठन की ओर से 'सूचना का अधिकार अधिनियम' के अंतर्गत प्राप्त दस्तावेज़ों का हवाला देते हुए, एपीईडब्ल्यूएफ ने दावा किया कि वित्त विभाग ने 2010 में छठे सीपीसी के तहत विभिन्न भत्तों को लागू करने से होने वाले अतिरिक्त वित्तीय व्यय का आकलन लगभग 350.47 करोड़ रुपये किया था।

संघ ने यह भी बताया कि राज्य और कुछ राज्य संस्थानों में काम करने वाले अखिल भारतीय सेवा अधिकारियों और केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए सातवें सीपीसी के तहत संशोधित भत्ते लागू कर दिए गए हैं। साथ ही उन्होंने तर्क दिया कि इसी तरह के पात्र राज्य सरकार के कर्मचारियों के साथ भी समान व्यवहार किया जाना चाहिए। दोनों भत्तों को लागू करने से जुड़े उच्च न्यायालय में चल रहे अवमानना मामले की कार्यवाही का हवाला देते हुए, एपीईडब्ल्यूएफ ने कहा कि यह मुद्दा बड़ी संख्या में पात्र कर्मचारियों को प्रभावित करता है और इस पर सरकार को तुरंत ध्यान देना चाहिए।

संघ के अनुसार, बच्चों का शिक्षा भत्ता नौकरी से जुड़ा हुआ एक लाभ है जिसका मकसद कर्मचारियों को उनके बच्चों की पढ़ाई का खर्च उठाने में मदद करना है; वहीं परिवहन भत्ता का उद्देश्य सरकारी काम के दौरान आने-जाने में हुए खर्च की भरपाई करना है।संघ का कहना है कि छात्रों के लिए वज़ीफ़ा, पुस्तक अनुदान और छात्रवृत्ति जैसी कल्याणकारी योजनाओं को सीईए का विकल्प नहीं माना जा सकता क्योंकि इनके मकसद अलग-अलग होते हैं और ये अलग-अलग योजनाओं के अंतर्गत आती हैं।

एपीईडब्ल्यूएफ ने आगे यह तर्क दिया कि राज्य ने अरुणाचल प्रदेश कानून अनुकूलन संरचना के अंतर्गत पहले ही कई केंद्रीय सिविल सेवाएं नियम अपना लिए हैं जो राज्य कर्मचारियों को केंद्रीय सेवा का लाभ देने के लिए लगातार अपनायी जा रही नीति को दर्शाता है।

संघ ने सरकार से आग्रह किया कि वह लागू सरकारी आदेशों एवं केंद्रीय वेतन आयोग की सिफारिशों के अनुसार बिना किसी और देरी किए हुए बच्चों का शिक्षा भत्ता एवं परिवहन भत्ता लागू करे।

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