पटना , अप्रैल 10 -- भारत की कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी-लेनिनवादी (भाकपा माले) के राज्य सचिव कुणाल ने अररिया में एक व्यक्ति की निर्मम हत्या और जहानाबाद में स्कूल में पांच वर्षीय बच्चे की हत्या की घटनाओं पर गहरा आक्रोश व्यक्त करते हुये शुक्रवार को कहा है कि दोनों घटनायें बिहार में गिरती कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक विफलता का भयावह प्रमाण हैं।

श्री कुणाल ने आज बयान जारी कर कहा कि अररिया की घटना ने समाज को झकझोर कर रख दिया है। उन्होंने कहा कि जिस तरह से एक व्यक्ति की नृशंस हत्या कर उसका सिर काट दिया गया, इससे पता चलता है कि कानून का डर लगभग खत्म हो चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह दुस्साहस सत्ता-प्रशासन की निष्क्रियता का परिणाम है।

श्री कुणाल ने कहा कि जहानाबाद में स्कूल परिसर के अंदर पांच साल के मासूम बच्चे की हत्या ने हर संवेदनशील व्यक्ति को स्तब्ध कर दिया है। उन्होंने कहा कि जिस जगह को बच्चों की सुरक्षा और शिक्षा का केंद्र होना चाहिए, वहीं इस तरह की घटना होना अत्यंत चिंताजनक है। यह सीधे-सीधे बच्चों की सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा करता है।

सचिव ने कहा कि भाकपा माले राज्य सरकार से मांग करती है कि दोनों ही मामलों की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराई जाए, दोषियों की अविलंब गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए और उन्हें कड़ी से कड़ी सजा दी जाए. साथ ही पीड़ित परिवारों को समुचित मुआवजा और न्याय दिया जाए। उन्होंने मांग की कि कानून-व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए ठोस कदम उठाए जायें। उन्होंने कहा कि यदि सरकार इन घटनाओं पर गंभीरता से कार्रवाई नहीं करती है, तो पार्टी राज्यभर में जन-आंदोलन खड़ा करेगी और न्याय के लिए सड़कों पर उतरेगी।

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