लखनऊ , जून 08 -- उत्तर प्रदेश पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने अयोध्या जिले में हुई मुठभेड़ में हत्या, लूट, रंगदारी और सुपारी किलिंग जैसी कई संगीन वारदातों में वांछित तथा एक लाख रुपये के इनामी अपराधी भानु प्रताप सिंह उर्फ बबलू को मार गिराया। घायल अवस्था में अस्पताल ले जाए गए बदमाश की उपचार के दौरान मृत्यु हो गई।
एसटीएफ के अनुसार सात और आठ जून की मध्यरात्रि को अयोध्या के महाराजगंज थाना क्षेत्र में अभियान के दौरान भानु प्रताप सिंह की मौजूदगी की सूचना मिली थी। वह अपने साथियों के साथ किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में था। सूचना के आधार पर एसटीएफ प्रयागराज इकाई ने घेराबंदी कर वाहन चेकिंग शुरू की।
चेकिंग के दौरान मोटरसाइकिल सवार दो संदिग्धों को रोकने का प्रयास किया गया, लेकिन वे भागने लगे। पीछा करने पर उनकी मोटरसाइकिल अनियंत्रित होकर गिर गई। इसके बाद बदमाशों ने एसटीएफ टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में एक बदमाश गोली लगने से घायल हो गया, जबकि उसका एक साथी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया।
घायल बदमाश को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गई। उसकी पहचान गोरखपुर जिले के बेलघाट थाना क्षेत्र के बिधनापार गांव निवासी भानु प्रताप सिंह उर्फ बबलू के रूप में हुई।
एसटीएफ ने उसके कब्जे से एक पिस्टल, एक स्टेनगन, कारतूस, बैग तथा एक सुपर स्प्लेंडर मोटरसाइकिल बरामद की है।
पुलिस के अनुसार भानु प्रताप सिंह पर आजमगढ़, अंबेडकरनगर और गोरखपुर सहित विभिन्न जनपदों में हत्या, लूट, रंगदारी, गैंगस्टर एक्ट, एनडीपीएस एक्ट और आर्म्स एक्ट के चार दर्जन से अधिक मुकदमे दर्ज थे। वह वर्ष 2025 में आजमगढ़ के एक चर्चित हत्या कांड में भी वांछित था, जिसके चलते उस पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था। इसके अलावा अंबेडकरनगर में 50 हजार रुपये तथा गोरखपुर में 15 हजार रुपये का पुरस्कार भी घोषित था।
मुठभेड़ के संबंध में महाराजगंज थाना, अयोध्या में मुकदमा दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है। फरार बदमाश की तलाश जारी है।
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