लखनऊ , जून 16 -- भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) ने अयोध्या के राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े चढ़ावे में सामने आए गोलमाल के आरोपों पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराई जाए तथा प्रथम दृष्टया भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के जो तथ्य सामने आए हैं, उनके आधार पर तत्काल प्राथमिकी दर्ज की जाय।
पार्टी के राज्य सचिव सुधाकर यादव ने मंगलवार को जारी बयान में कहा कि देश भर के करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था और योगदान से जुड़े इस मामले को दबाने या महज भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अंदरूनी विवाद के रूप में प्रस्तुत करने की कोशिश नहीं की जानी चाहिए। यह जन आस्था, सार्वजनिक जवाबदेही और वित्तीय पारदर्शिता का प्रश्न है। यदि किसी अन्य संस्था या संगठन पर ऐसे आरोप लगे होते, तो अब तक केन्द्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) या प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) जैसी केंद्रीय जांच एजेंसियां सक्रिय हो चुकी होतीं लेकिन यहां भ्रष्टाचार के आरोपों और उपलब्ध तथ्यों के बावजूद प्राथमिकी तक दर्ज न होना पूरे मामले को संदेहास्पद बनाता है।
भाकपा (माले) नेता ने कहा कि भाजपा वर्षों से स्वयं को शुचिता, नैतिकता और पारदर्शिता की प्रतीक बता कर उसकी माला जपती रही है लेकिन राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े विवादों ने उसके इन दावों की पोल खोल दी है। सच्चाई को कितना भी छिपाने की कोशिश की जाए, लेकिन "लाख छुपाओ, छुप न सकेगा"। इस मामले में खुद का बचाव करने के लिए भाजपा नेताओं और मंत्रियों की खोखली आक्रामकता देखते बन रही है लेकिन जनता जानना चाहती है कि श्रद्धालुओं के चढ़ावे और दान की राशि का उपयोग किस प्रकार हुआ और आरोपों के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ अब तक कार्रवाई क्यों नहीं की गई।
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