सुलतानपुर , अक्टूबर 13 -- देश-विदेश में प्रसिद्ध उत्तर प्रदेश के सुलतानपुर जिले की अनूठी ऐतिहासिक दुर्गापूजा महोत्सव के तैयारियों की समीक्षा करने मंडलायुक्त राजेश कुमार और डीआईजी सोमेन वर्मा मंगलवार को सुलतानपुर पहुंचे।

नवीन कलेक्ट्रेट सभागार में दुर्गापूजा, दशहरा एवं दुर्गा प्रतिमा विसर्जन कार्यक्रमों को सकुशल, शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने हेतु की गयी तैयारियों के सम्बन्ध में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनपद में आयोजित होने वाले दुर्गापूजा पंडालों, दशहरा कार्यक्रमों एवं प्रतिमा विसर्जन स्थलों पर की जा रही तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

जिलाधिकारी इंद्र जीत सिंह ने तैयारियों के सम्बन्ध में पीपीटी के माध्यम से बिन्दुवार प्रस्तुतीकरण किया गया। उन्होंने सभी आधारभूत सुविधाओं जैसे-फायर सेफ्टी, विद्युत आपूर्ति, पूजा पण्डालों की ऊंचाई, अग्निशामक यंत्र, कार्यक्रम की अनुमति/ एनओसी, विसर्जन स्थलों का रूट एवं उस पर विद्युत की व्यवस्था, आयोजकों एवं वालेन्टियर्स के फोन नम्बर स्वयं के पास रखने तथा अपने सुपर जोनल मजिस्ट्रेट, जोनल मजिस्ट्रेट, सेक्टर मजिस्ट्रेट सभी आपस में बैठक कर एक दूसरे का सम्पर्क नम्बर अवश्य रखें, कंट्रोल रूम की स्थापना, सी.सी.टी.वी. कैमरा की स्थापना, डी.जे. की ध्वनि निर्धारित मानक के अनुरूप सहित आदि बिन्दुओं के बारे में अवगत कराया। इसी प्रकार तहसीलवार समस्त एसडीएम व सीओ द्वारा तैयारियों के सम्बन्ध में आयुक्त व पुलिस उप महानिरीक्षक को अवगत कराया गया।

बैठक में आयुक्त द्वारा निर्देशित किया गया कि जनपद में आयोजित होने वाले ऐतिहासिक एवं प्रमुख दुर्गापूजा कार्यक्रमों तथा दशहरा आयोजनों को दृष्टिगत रखते हुए सभी संबंधित विभाग अपनी-अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूर्ण सतर्कता, संवेदनशीलता एवं आपसी समन्वय के साथ सुनिश्चित करें। सभी सुपर जोनल मजिस्ट्रेट, जोनल मजिस्ट्रेट एवं सेक्टर मजिस्ट्रेट अपने-अपने निर्धारित क्षेत्रों में भ्रमण कर व्यवस्थाओं का स्थलीय निरीक्षण करें तथा कमियों को समय रहते दूर कराएं।

पुलिस उपमहानिरीक्षक ने निर्देशित किया कि सुरक्षा एवं कानून-व्यवस्था सभी संवेदनशील एवं अतिसंवेदनशील स्थलों को चिह्नित करते हुए पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित की जाए। आयोजकों एवं शांति समितियों के साथ निरंतर संवाद बनाए रखा जाए। असामाजिक एवं अराजक तत्वों पर सतर्क दृष्टि रखते हुए कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक निरोधात्मक कार्रवाई की जाए। भीड़ नियंत्रण एवं यातायात व्यवस्था, प्रमुख पूजा पंडालों, मेला स्थलों, दशहरा कार्यक्रम स्थलों एवं विसर्जन मार्गों पर भीड़ के दबाव का आकलन कर प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। आवश्यकतानुसार बैरिकेडिंग, प्रवेश एवं निकास के पृथक मार्ग, पार्किंग स्थल तथा यातायात डायवर्जन की व्यवस्था की जाए, जिससे आमजन को आवागमन में अनावश्यक असुविधा न हो।

आयुक्त ने कहा कि प्रतिमा विसर्जन की व्यवस्था सभी विसर्जन स्थलों का पूर्व निरीक्षण कर सुरक्षा संबंधी आवश्यक प्रबंध सुनिश्चित किए जाएं। नदी, तालाब एवं अन्य जलाशयों पर पर्याप्त बैरिकेडिंग, प्रकाश व्यवस्था, गोताखोरों, नावों एवं आपातकालीन बचाव संसाधनों की उपलब्धता आवश्यकतानुसार सुनिश्चित की जाए। विसर्जन जुलूसों के मार्ग एवं समय का समुचित निर्धारण कर संबंधित आयोजकों को समय से अवगत कराया जाए।

उन्होंने विद्युत एवं अग्निशमन सुरक्षा पूजा पंडालों में अस्थायी विद्युत कनेक्शन, खुले तारों, ओवरलोडिंग तथा शॉर्ट सर्किट की आशंका की जांच कराई जाए। अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता, अग्निशमन वाहनों की पहुंच तथा आपातकालीन निकास की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। चिकित्सा एवं आपातकालीन सेवाएं प्रमुख आयोजन स्थलों एवं विसर्जन स्थलों पर आवश्यकतानुसार एंबुलेंस, चिकित्सा टीम, प्राथमिक उपचार तथा अन्य आपातकालीन सेवाओं की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। संबंधित अस्पतालों को भी आवश्यक तैयारी की स्थिति में रखा जाए।

आयुक्त ने स्वच्छता, पेयजल एवं प्रकाश व्यवस्था नगर निकायों एवं संबंधित विभागों द्वारा आयोजन स्थलों, जुलूस मार्गों एवं विसर्जन स्थलों पर साफ-सफाई, पेयजल, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था तथा कचरा निस्तारण की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। कंट्रोल रूम एवं निगरानी व्यवस्था प्रमुख स्थलों पर सीसीटीवी कैमरों, आवश्यकतानुसार ड्रोन निगरानी तथा प्रभावी संचार व्यवस्था का उपयोग किया जाए। जिला एवं पुलिस स्तर पर स्थापित नियंत्रण कक्षों को सक्रिय रखते हुए संबंधित अधिकारियों के संपर्क नंबर उपलब्ध कराए जाएं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई की जा सके।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित