तेहरान , मई 04 -- ईरानी सेना ने अमेरिकी को चेतावनी दी है कि उसकी सेना होर्मुज जलडमरूमध्य में दाखिल होने की कोशिश न करे। यह चेतावनी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस ऐलान के बाद आई है जिसमें उन्होंने जलमार्ग से जहाजों को सुरक्षित निकालने के लिए 'प्रोजेक्ट फ्रीडम' अभियान शुरू करने की बात कही है।

अमेरिकी सेना ने साफ किया है कि यह कोई औपचारिक 'एस्कॉर्ट मिशन' नहीं है। इस 'प्रोजेक्ट फ्रीडम' को सफल बनाने के लिए गाइडेड मिसाइल, 100 से अधिक विमान, ड्रोन प्लेटफॉर्म और 15,000 सैनिकों की मदद ली जाएगी।

जवाब में ईरान के सशस्त्र बलों की एकीकृत कमान के प्रमुख मेजर जनरल अली अब्दुल्लाही ने कहा कि ईरान इस इलाके में आने वाली 'किसी भी विदेशी सेना' और खास तौर पर 'आक्रामक अमेरिकी सेना' को निशाना बनाएगा। उन्होंने साफ कहा कि यह जलडमरूमध्य ईरान के नियंत्रण में है और इसकी सुरक्षा पूरी ताकत से की जाएगी।

श्री अब्दुल्लाही ने कहा कि हम होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा का प्रबंधन मजबूती से कर रहे हैं। हम सभी व्यापारिक जहाजों और तेल टैंकरों को सलाह देते हैं कि वे यहाँ तैनात हमारी सेना के साथ तालमेल बिठाए बिना यहाँ से न गुजरें, अन्यथा उनकी सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है।

मेजर जनरल ने कहा कि यह पूरा समुद्री रास्ता ईरानी सेना के दायरे में आता है। अमेरिका की कोई भी 'आक्रामक हरकत' यहाँ के हालात को और खराब करेगी और जहाजों की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा पैदा करेगी। उन्होंने यह भी दोहराया कि सुरक्षित आवाजाही के लिए 'हर हाल में' ईरानी सेना से संपर्क करना जरूरी है।

दूसरी ओर, श्री ट्रंप ने 'प्रोजेक्ट फ्रीडम' के तहत सोमवार से फंसे हुए व्यापारिक जहाजों को बाहर निकालने की घोषणा की है। उन्होंने बताया कि कई देशों ने अपने जहाजों को मुक्त कराने के लिए अमेरिका से मदद मांगी है, जो इस समय होर्मुज जलडमरूमध्य में फंसे हुए हैं। उन्होंने इन जहाजों को निर्दोष और इस विवाद से पूरी तरह अलग बताया है।

श्री ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी सेना इन तटस्थ देशों के जहाजों को प्रतिबंधित जलमार्ग से सुरक्षित बाहर लाएगी, ताकि वे अपना व्यापारिक कामकाज फिर से शुरू कर सकें। उन्होंने दावा किया कि इस पहल से अमेरिका के साथ-साथ ईरान और पूरे क्षेत्र को फायदा होगा।

घोषणा के मुताबिक, अमेरिकी प्रतिनिधियों को निर्देश दिया गया है कि वे संबंधित देशों को सूचित कर दें कि अमेरिका उनके जहाजों और चालक दल की सुरक्षा के लिए हर संभव प्रयास करेगा।

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