वाशिंगटन , अप्रैल 13 -- अमेरिकी सेना सोमवार से (भारतीय समयानुसार सोमवार रात 8:30 बजे) ईरानी बंदरगाहों से आने-जाने वाले सभी जहाजों की नाकेबंदी शुरू कर देगी।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने घोषणा की कि यह कदम राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की घोषणा के अनुरूप' उठाया जा रहा है। यह नाकेबंदी ईरानी बंदरगाहों और तटीय क्षेत्रों में प्रवेश करने या वहां से प्रस्थान करने वाले सभी देशों के जहाजों पर लागू की जाएगी। इसमें अरब की खाड़ी और ओमान की खाड़ी के सभी ईरानी बंदरगाह शामिल हैं।
सेंटकॉम ने एक बयान में कहा कि उसकी सेनाएं गैर-ईरानी बंदरगाहों से ओमान की खाड़ी और होर्मुज जलडमरूमध्य के माध्यम से आने-जाने वाले जहाजों के लिए बाधा नहीं डालेंगी। नाकेबंदी शुरू होने से पहले वाणिज्यिक नाविकों को एक औपचारिक नोटिस के माध्यम से अतिरिक्त जानकारी प्रदान की जाएगी।
बयान में सभी नाविकों को 'नोटिस टू मरीनर्स' के प्रसारण पर नजर रखने और ओमान की खाड़ी तथा होर्मुज जलडमरूमध्य के पास परिचालन करते समय ब्रिज-टू-ब्रिज चैनल 16 पर अमेरिकी नौसेना बलों से संपर्क करने की सलाह दी गई है।
सेंटकॉम के कमांडर एडमिरल ब्रैड कूपर ने बताया कि रविवार से एक नया और सुरक्षित मार्ग स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है जिसके बारे में जल्द ही जानकारी दी जाएगी। आने वाले दिनों में पानी के नीचे काम करने वाले ड्रोन सहित अतिरिक्त अमेरिकी बल इस सफाई अभियान में शामिल होंगे।
उल्लेखनीय है कि शनिवार को इस्लामाबाद में ईरान के साथ बातचीत विफल होने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की थी कि अमेरिकी नौसेना ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी 'तत्काल प्रभाव' से शुरू करेगी। सेंटकॉम बलों ने होर्मुज जलडमरूमध्य में बारूदी सुरंगों को हटाने के लिए भी काम शुरू कर दिया है, जिसमें दो अमेरिकी गाइडेड-मिसाइल विध्वंसक यूएसएस फ्रैंक ई. पीटरसन और यूएसएस माइकल मर्फी तैनात किए गए हैं।
इस बीच, ईरान के संसद अध्यक्ष बाकिर कलीबाफ ने नाकेबंदी के खतरे को खारिज करते हुए अमेरिकी लोगों से कहा कि वे आज की गैस कीमतों का 'आनंद' लें। उन्होंने कहा कि जल्द ही चार-पांच डॉलर प्रति गैलन ईंधन के लिए एक सपना हो जाएगा। वहीं ईरान के नौसेना कमांडर रियर एडमिरल शाहराम ईरानी ने भी नौसैनिक नाकेबंदी की राष्ट्रपति ट्रंप की धमकियों को 'बेहद हास्यास्पद' बताया।
अमेरिकी राष्ट्रपति के आदेश के जवाब में श्री कलीबाफ ने चेतावनी दी कि अमेरिका में नियमित गैसोलीन की औसत कीमत फिलहाल 4.125 डॉलर प्रति गैलन है, जो युद्ध-पूर्व स्तरों से 40 प्रतिशत अधिक है। नाकेबंदी से इन कीमतों में और भारी उछाल आएगा। ईरान की सेना अमेरिकी बेड़े की हर हरकत पर कड़ी नजर रख रही है।
ईरानी संसद ने राष्ट्रीय मुद्रा में 'टोल' लगाने और अमेरिकी और इजरायली जहाजों पर स्पष्ट प्रतिबंध लगाने के लिए मसौदा कानून आगे बढ़ाया है।
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