काहिरा/रियाद , फरवरी 21 -- अरब लीग, मिस्र और सऊदी अरब ने शनिवार को इज़रायल में अमेरिका के राजदूत माइक हकाबी के उस बयान की कड़ी निंदा की है जिसमें उन्होंने कहा था कि इज़रायल को पूरे पश्चिमी एशिया पर दावा करने का "अधिकार" है।
अरब लीग के महासचिव अहमद अबुल-गैत ने एक बयान में कहा कि श्री हकाबी की टिप्पणियां अतार्किक और अविवेकपूर्ण हैं तथा "कूटनीति के बुनियादी सिद्धांतों और स्थापित मानदंडों के अनुरूप नहीं हैं।"उन्होंने कहा कि ऐसे बयान उस समय भावनाओं को भड़काने और धार्मिक तथा राष्ट्रीय संवेदनाओं को उकसाने का काम करते हैं, जब देश गाजा में संघर्षविराम को लागू करने के तरीकों पर विचार कर रहे हैं और "शांति की दिशा में गंभीर राजनीतिक प्रक्रिया शुरू करने के अवसर को भुनाने" का प्रयास कर रहे हैं।
इस बीच, मिस्र के विदेश मंत्रालय ने शनिवार को इन टिप्पणियों पर "आश्चर्य" व्यक्त करते हुए उन्हें अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर का "खुला उल्लंघन" बताया।
मंत्रालय ने अपने बयान में दोहराया कि इज़राइल का कब्जे वाले फ़िलिस्तीनी क्षेत्रों या किसी अन्य अरब भूमि पर "कोई संप्रभुता अधिकार नहीं" है और पश्चिमी तट को हड़पने या उसे गाजा पट्टी से अलग करने के किसी भी प्रयास को "सिरे से खारिज" किया।
सऊदी अरब के विदेश मंत्री फैसल बिन फरहान अल सऊद ने भी श्री हकाबी की टिप्पणियों की निंदा करते हुए कहा कि ऐसे बयान खतरनाक मिसाल कायम करते हैं और क्षेत्र के देशों तथा अमेरिका के बीच संबंधों के प्रति उपेक्षा को दर्शाते हैं।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित