इस्लामाबाद , अगस्त 01 -- अमेरिका के एक मानवाधिकार संगठन जॉइंट अवामी एक्शन कमिटी (जेएएसी) ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में 50 से ज्यादा लोगों की मौत की निंदा करते हुए शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ 'पाकिस्तानी सुरक्षा बलों की हिंसक कार्रवाई' की निष्पक्ष जांच एवं जवाबदेही की मांग की है।

जेएएसी के सदस्य सरदार उमर नज़ीर कश्मीरी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर जारी एक पोस्ट में कहा कि पाकिस्तानी सुरक्षा बल अब तक 50 से ज्यादा लोगों को मार चुके हैं। उन्होंने लिखा, "पिछले चार दिनों में सुरक्षा बलों ने 50 से ज्यादा लोगों को मारा है, और सैकड़ों को जख्मी किया है।"पीओके में विरोध प्रदर्शनों की अगुवाई कर रहे जेएएसी ने कहा कि मुजफ्फराबाद क्षेत्र में ये प्रदर्शन देर रात तक चले हैं। प्रदर्शनकारियों ने अपने मूल अधिकारों की रक्षा और पूर्व में स्थानीय प्रशासन की ओर से किये गये वादों को लागू करने की मांग की है।

अमेरिका के एक अन्य मानवाधिकार संगठन ह्यूमन राइट्स फाउंडेशन (एचआरएफ) ने भी निहत्थे प्रदर्शनकारियों के खिलाफ सुरक्षा बलों के बलप्रयोग की निंदा करते हुए पाकिस्तान सरकार से यह कार्रवाई रोकने का आह्वान किया। एचआरएफ ने कहा कि क्षेत्र में मोबाइल संचार दोबारा शुरू होना चाहिए तथा गैर-कानूनी बल प्रयोग के लिए जवाबदेही तय होनी चाहिए।

एचआरएफ ने एक स्थानीय नागरिक समाज समूह का हवाला देते हुए कहा कि पीओके में सुरक्षा बलों ने हजारों शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी की है। संगठन ने यह भी कहा कि प्रशासन ने सबूत छिपाने के लिए अस्पताल से शवों को हटाया है और सामाजिक कार्यकर्ताओं को हिरासत में भी लिया है।

संगठन ने कहा, "पुलिस कार्रवाई के साथ-साथ इंटरनेट भी बंद किया गया है और मीडिया पर भी कई पाबंदियां लगायी गयी हैं, जिससे स्वतंत्र पत्रकारिता लगभग नामुमकिन हो गयी है।" एचआरएफ ने पाकिस्तान सरकार से कथित हत्याओं की जांच करने, जवाबदेही सुनिश्चित करने और हिरासत में लिये गये लोगों के साथ कानूनी व्यवहार करने की मांग की।

इसके अलावा, सरदार शौकत अली कश्मीरी की अध्यक्षता में यूनाइटेड कश्मीर पीपुल्स नेशनल पार्टी (यूकेपीएनपी) के एक प्रतिनिधिमंडल ने न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र (संरा) के अधिकारियों से मुलाकात की और पीओके में मानवाधिकार उल्लंघनों का मुद्दा उठाया।

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