वाशिंगटन , सितंबर 16 -- अमेरिकी प्रतिनिधि सभा ने मंगलवार को युद्ध शक्तियां प्रस्ताव पारित कर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से ईरान के साथ जारी संघर्ष में अमेरिकी बलों को सैन्य कार्रवाई से हटाने का निर्देश देने की मांग की। यह मौजूदा संघर्ष में प्रशासन की सैन्य कार्रवाई को सीमित करने के लिए कांग्रेस का तीसरा ऐसा प्रयास है।

डेमोक्रेटिक सांसद सेथ मॉल्टन द्वारा पेश किया गया यह प्रस्ताव 220-204 मतों से पारित हुआ। इसके पक्ष में 213 डेमोक्रेट और सात रिपब्लिकन सांसदों ने मतदान किया, जबकि एक निर्दलीय सांसद ने इसके खिलाफ मतदान किया।

प्रस्ताव एच. कॉन. रेस. 93 में युद्ध शक्तियां प्रस्ताव का हवाला देते हुए ट्रंप से ईरान के साथ जारी संघर्ष में अमेरिकी बलों को हटाने को कहा गया है। कांग्रेस के दस्तावेजों के अनुसार, इसमें राष्ट्रपति से अमेरिकी या सहयोगी कर्मियों और प्रतिष्ठानों की रक्षा के लिए जरूरी बलों को हटाने की मांग नहीं की गयी है।

प्रस्ताव के समर्थन में मतदान करने वाले सात रिपब्लिकन सांसदों में केंटकी के थॉमस मैसी, पेनसिल्वेनिया के ब्रायन फिट्जपैट्रिक, ओहायो के वॉरेन डेविडसन, मिशिगन के टॉम बैरेट, आयोवा की मैरियनेट मिलर-मीक्स, आयोवा के जैक नन और दक्षिण कैरोलिना की नैन्सी मेस शामिल हैं।

मतदान के साथ ही ईरान संघर्ष को लेकर प्रतिनिधि सभा में इसी तरह का युद्ध शक्तियां प्रस्ताव पारित करने का यह तीसरा मौका है। पिछले प्रस्तावों के बाद अमेरिकी बलों की वापसी नहीं हुई थी।

श्री मॉल्टन ने कहा कि प्रस्ताव का उद्देश्य युद्ध छेड़ने के फैसलों पर कांग्रेस के संवैधानिक अधिकार को फिर से स्पष्ट करना है। मतदान के बाद जारी बयान में उन्होंने कहा कि प्रशासन के पहले की सैन्य सफलता के दावों के बावजूद संघर्ष जारी है और उन्होंने अमेरिकी सैनिकों के हताहत होने तथा अभियान की वित्तीय लागत का उल्लेख किया।

कांग्रेसनल बजट ऑफिस ने मंगलवार को अनुमान लगाया कि अमेरिका ने एक अगस्त तक इस संघर्ष पर करीब 38 अरब डॉलर खर्च किये हैं और यदि हाल के स्तर पर लड़ाई जारी रहती है तो युद्ध पर हर महीने दो से तीन अरब डॉलर अतिरिक्त खर्च हो सकते हैं।

यह मतदान ऐसे समय हुआ है जब कांग्रेस इस बात पर बहस जारी रखे हुए है कि क्या प्रशासन को कांग्रेस की विशेष मंजूरी के बिना ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान चलाने का अधिकार है। ट्रंप प्रशासन ने अपनी कार्रवाई का बचाव करते हुए कहा है कि ईरान से उत्पन्न खतरों से निपटने के लिए सैन्य अभियान जरूरी है।

प्रतिनिधि सभा के प्रस्ताव पर सीनेट की अगली कार्रवाई अभी स्पष्ट नहीं है। जुलाई में प्रतिनिधि सभा द्वारा पारित इसी तरह का एक युद्ध शक्तियां प्रस्ताव सीनेट में आगे नहीं बढ़ा है।

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