बेंगलुरु , जून 23 -- इलिनोइस इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के स्नातक और अमेरिका के पूर्व उद्यमी पेशेवर शशि कुमार का मानना है कि छोटे किसानों को एक डेयरी-संचालित प्रणाली तंत्र के जरिए अधिक कमाई करने वाले उद्यम में बदला जा सकता है।

श्री कुमार ने भारत लौटने और अक्षयकल्प ऑर्गेनिक्स शुरू करने के अपने अनुभव को साझा करते हुए कहा कि यह विचार इस बात पर गंभीरता से विचार करने पर आया कि गांव के युवा सुनियोजित तरीके से खेती से दूर क्यों होते जा रहे हैं।

उन्होंने कहा, "हम सभी पैदाइशी किसान हैं लेकिन व्यवस्था ने सिर्फ इंजीनियरिंग को ही सफलता का रास्ता बना दिया।" उन्होंने इस बात का जिक्र किया कि कैसे गांव की कई पीढ़ियों ने आर्थिक स्थिरता और खेती को लेकर लोगों की हीन भावना के चलते किसानों ने अपने बच्चों को खेती छोड़ने के लिए बढ़ावा दिया।

श्री कुमार ने कहा कि उनकी कहानी खेती की पृष्ठभूमि से इंजीनियरिंग की पढ़ाई और विदेश में संचार के क्षेत्र में वरिष्ठ पदों पर काम करने की उस प्रवृत्ति को दिखाती है। लेकिन समय के साथ यह सवाल उठने लगा कि क्या इस कहानी को बदला जा सकता है। उन्होंने कहा, "20-25 साल पहले हमने जो सवाल पूछना शुरू किया था, वह आसान था, क्या खेती को फिर से अपना करियर बनाया जा सकता है? क्या युवा लोग सच में इसे एक पेशे के तौर पर चुन सकते हैं?"उस सवाल से आखिरकार अक्षयकल्प ऑर्गेनिक्स का निर्माण हुआ, जो एक बड़े कृषि प्रयोग के तौर पर नहीं बल्कि एक केंद्रित डेयरी समाधान के तौर पर शुरू हुआ, जिसे एक बड़ी रुकावट को हल करने के लिए डिजाइन किया गया था-खेती से होने वाली अप्रत्याशित आय। श्री कुमार के मुताबिक डेयरी से शुरुआत हुई क्योंकि इससे नियमित रूप से नकदी आती है जो बड़ी उत्पादकता में सुधारों को शुरू करने से पहले छोटे और सीमांत खेती करने वाले परिवारों को स्थायित्व प्रदान कर सकता है।

आज वह मॉडल भारत की सबसे बड़ी संरचित कृषि विस्तार प्रणाली बन गया है, जो 16 सालों में 2,800 किसानों के साथ काम कर रहा है। उन्होंने इसके परिणामों पर दिया और कहा कि ये किसान रोजाना लगभग 2.6 लाख लीटर दूध का उत्पादन करते हैं। इससे भी जरूरी बात यह है कि इस मॉडल ने आमदनी के पैटर्न को बदल दिया है। श्री कुमार के मुताबिक इस व्यवस्था के तहत किसान हर दिन औसतन 120 लीटर दूध का उत्पादन करते हैं, और वित्तीय वर्ष 2025-26 में हर किसान को हर महीने औसतन 1.28 लाख रुपये का भुगतान होता है।

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