तेहरान , मार्च 14 -- ईरान ने शनिवार को खार्ग द्वीप पर हुए हमलों का बदला लेने की धमकी देते हुए कहा कि वह अमेरिका से जुड़े तेल बुनियादी ढांचे को 'राख के पर्वत' में बदल देगा।

शुक्रवार देर रात ईरान के रणनीतिक खार्ग द्वीप पर भारी अमेरिकी बमबारी और राष्ट्रपति ट्रम्प की उस चेतावनी के बाद कि यदि ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य की घेराबंदी जारी रखता है तो अमेरिकी सेना ईरानी तेल केंद्रों को निशाना बना सकती है, के बाद ईरानी प्रतिक्रिया आयी है। 'खातम अल-अम्बिया केंद्रीय मुख्यालय' के प्रवक्ता इब्राहिम जोलफाकारी ने बड़ी घोषणा की, "यदि ईरान की संपत्तियों पर हमला किया जाता है तो अमेरिकी कंपनियों से जुड़े सभी तेल, आर्थिक और ऊर्जा बुनियादी ढांचे को 'राख के पहाड़ों में बदल दिया जायेगा'।"ईरानी सरकारी मीडिया ने श्री जोलफाकारी के हवाले से कहा, "अमेरिकी राष्ट्रपति के बयान के जवाब में हम घोषणा करते हैं कि यदि ईरान के तेल, आर्थिक और ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर कोई हमला होता है तो जैसे हमने पहले भी चेतावनी दी है, पूरे क्षेत्र में उन सभी कंपनियों के बुनियादी ढांचे को तुरंत नष्ट कर दिया जायेगा, जिनमें अमेरिका की हिस्सेदारी है या जो अमेरिका के साथ सहयोग कर रही हैं।"अमेरिका ने शुक्रवार देर रात ईरान के रणनीतिक खार्ग द्वीप पर शक्तिशाली बमबारी की, जिससे मध्य पूर्व में तनाव चरम पर पहुंच गया है।

श्री ट्रम्प ने घोषणा की कि अमेरिकी सेना ने इस क्षेत्र में अब तक के 'सबसे शक्तिशाली बमबारी अभियानों' में से एक को अंजाम दिया है। उन्होंने कहा कि इन हमलों ने खार्ग द्वीप पर 'हर सैन्य लक्ष्य को पूरी तरह से मिटा दिया' है, जिसे उन्होंने ईरान का 'ताज' बताया।

इस अभियान ने फारस की खाड़ी में महत्वपूर्ण तेल निर्यात टर्मिनल खार्ग द्वीप पर स्थित ईरानी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। ये हमले ऐसे समय में हुए हैं, जब ईरान के 'इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स' (आईआरजीसी) ने होर्मुज जलडमरूमध्य से 'एक लीटर तेल' भी न गुजरने देने की बात कही है। इस प्रमुख खाड़ी जलमार्ग की घेराबंदी ईरान के खिलाफ अमेरिका-इजराइल अभियान के दौरान वैश्विक ऊर्जा बाजारों को लगातार बाधित कर रही है।

श्री ट्रम्प ने 'ट्रुथ सोशल' पर पोस्ट कर हमले का खुलासा किया हे। उन्होंने कहा, "मेरे निर्देश पर 'यूनाइटेड स्टेट्स सेंट्रल कमांड' ने पश्चिम एशिया के इतिहास के सबसे शक्तिशाली बमबारी में से एक को अंजाम दिया है और ईरान के 'ताज' खार्ग द्वीप पर मौजूद हर सैन्य लक्ष्य को पूरी तरह से नेस्तनाबूद कर दिया है।" उन्होंने कहा, "हमारे हथियार दुनिया के अब तक के सबसे शक्तिशाली और आधुनिक हथियार हैं, लेकिन शालीनता के नाते, मैंने फिलहाल द्वीप पर मौजूद तेल बुनियादी ढांचे को पूरी तरह खत्म नहीं करने का फैसला किया है।"श्री ट्रम्प ने जोर दिया कि अमेरिकी सेना ने लक्षित सैन्य स्थलों को 'पूरी तरह नष्ट' कर दिया है और ईरान को चेतावनी दी कि यदि ईरान अंतरराष्ट्रीय शिपिंग मार्गों को धमकाना जारी रखता है, तो अमेरिका और हमले करने में संकोच नहीं करेगा। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि यदि ईरान जहाजों की आवाजाही में हस्तक्षेप करता है तो उनका यह संयम बदल सकता है। उन्होंने कहा, "अगर ईरान या कोई और होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों के स्वतंत्र और सुरक्षित मार्ग में बाधा डालने के लिए कुछ भी करता है तो मैं तुरंत अपने निर्णय पर पुनर्विचार करूंगा।"राष्ट्रपति ने यह दावा भी किया कि अगर तनाव बढ़ता है तो ईरान के पास अमेरिकी हमलों के खिलाफ खुद को बचाने की क्षमता नहीं है। उन्होंने ईरान की सेना और उसके सहयोगियों से पीछे हटने का आग्रह किया और संकेत दिया कि निरंतर टकराव के और भी गंभीर परिणाम हो सकते हैं।

अमेरिकी सैन्य शक्ति पर उन्होंने कहा, "अपने पहले कार्यकाल के दौरान और वर्तमान में भी मैंने अपनी सेना को दुनिया की सबसे घातक, शक्तिशाली और प्रभावी ताकत के रूप में फिर से खड़ा किया है। जिस चीज पर भी हम हमला करना चाहते हैं, ईरान के पास उसका बचाव करने की क्षमता नहीं है। वे इसके बारे में कुछ नहीं कर सकते।"ईरान की परमाणु महत्वाकांक्षाओं पर अपना रुख दोहराते हुए श्री ट्रम्प ने कहा, "ईरान के पास परमाणु हथियार कभी नहीं होगा, न ही उसके पास अमेरिका, पश्चिम एशिया या दुनिया को धमकाने की क्षमता होगी।" उन्होंने ईरान के नेतृत्व और सेना को भी चेतावनी दी कि ईरान की सेना और इस आतंकवादी शासन से जुड़े अन्य सभी लोगों के लिए यही बुद्धिमानी होगी कि वे अपने हथियार डाल दें और अपने देश का जो कुछ बचा है, उसे बचा लें।

हवाई हमलों के मुख्य केंद्र हालांकि सैन्य ठिकाने थे, लेकिन श्री ट्रम्प ने संकेत दिया कि यदि ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही रोकना जारी रखता है तो भविष्य में ईरान का ऊर्जा बुनियादी ढांचा भी निशाना बन सकता है। इन हमलों में मिसाइल भंडारण केंद्रों, नौसैनिक माइन डिपो और उन अन्य सैन्य संपत्तियों को निशाना बनाया गया, जो खाड़ी से गुजरने वाले वाणिज्यिक जहाजों को धमकाने की ईरान की रणनीति से जुड़ी हैं।

खार्ग द्वीप को ईरान की तेल निर्यात प्रणाली की रीढ़ माना जाता है। उत्तरी फारस की खाड़ी में स्थित यह द्वीप देश के प्राथमिक तेल टर्मिनल के रूप में कार्य करता है और ऐतिहासिक रूप से ईरान के कच्चे तेल के अधिकतर शिपमेंट यहीं से संचालित होते हैं।

ईरान के सरकारी मीडिया ने अमेरिकी हमले के दौरान पूरे द्वीप पर एक दर्जन से अधिक विस्फोटों की सूचना दी है। प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, हमलों में हवाई रक्षा प्रणाली एक नौसैनिक अड्डे और हवाई अड्डे की सुविधाओं को निशाना बनाया गया है। ये हमले वैश्विक ऊर्जा बाजारों में भारी अस्थिरता के बीच हुए हैं। लगभग दो सप्ताह पहले संघर्ष शुरू होने के बाद से तेल की कीमतों में भारी उछाल आया है, जिसमें कच्चे तेल का अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क 100 डॉलर प्रति बैरल पार कर गया है, जो युद्ध की शुरुआत के बाद से 40 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि है।

होर्मुज जलडमरूमध्य से होने वाली शिपिंग गतिविधियों में काफी कमी आयी है, क्योंकि टैंकर संचालक इस क्षेत्र में प्रवेश करने के जोखिमों का आकलन कर रहे हैं। गौरतलब है कि आईआरजीसी ने संकल्प लिया है कि वे इस रणनीतिक जलमार्ग से तेल का एक लीटर भी नहीं गुजरने देंगे।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित