वाशिंगटन , जुलाई 14 -- अमेरिका ने लगातार तीसरी रात ईरान के सैन्य ठिकानों पर लगभग पांच घंटे तक हमला किया और इसके जवाब में ईरान ने खाड़ी क्षेत्र में पलटवार किया, जिसमें संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के दो तेल टैंकरों पर मिसाइल हमला तथा बहरीन पर नये हमले शामिल थे।

अमेरिका के केंद्रीय कमान (सेंटकॉम) ने सोमवार देर रात कहा कि उसने ईरानी मिसाइल और ड्रोन ठिकानों, तटीय रक्षा प्रणालियों और नौसैनिक क्षमताओं को निशाना बनाकर लगभग पांच घंटे से अधिक समय तक अभियान चलाया। इन हमलों में बंदर अब्बास और बुशहर के बंदरगाहों के पास के ठिकाने भी शामिल हैं।

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हमलों की पुष्टि करते हुए कहा कि इस अभियान का उद्देश्य हॉर्मुज जलडमरूमध्य में व्यापारिक जहाजों को खतरे में डालने की ईरान की क्षमता को और कमजोर करना है।

श्री ट्रंप ने पिछले सप्ताह ही कांग्रेस को औपचारिक रूप से सूचित किया था कि सात जुलाई से ईरान के खिलाफ अभियान फिर से शुरू हो गए हैं। वॉर पावर्स एक्ट के तहत सौंपी गयी इस सूचना के तहत अमेरिका के रक्षा मंत्रालय को अमेरिकी संसद (कांग्रेस) से अलग से अनुमति लिए बिना 60 दिनों तक सैन्य अभियान जारी रखने की अनुमति मिल जाती है।

शुक्रवार को सांसदों को भेजे गए दो पन्नों के पत्र में, श्री ट्रंप ने कहा कि नए हमले युद्ध शक्तियों के कानून के अनुरूप हैं। इसके तहत राष्ट्रपति को अमेरिकी सशस्त्र बलों को युद्ध या ऐसी स्थितियों में शामिल करने के 48 घंटों के भीतर कांग्रेस को सूचित करना आवश्यक होता है जहां युद्ध तय माना जा रहा हो।

द हिल की रिपोर्ट के अनुसार, श्री ट्रंप ने पत्र में लिखा, "इन हमलों में अमेरिका की स्थल सेना शामिल नहीं है। ये हमले सीमित, नपे-तुले, नियोजित और इस तरह से किए गए हैं कि नागरिक हताहतों की संख्या को कम से कम किया जा सके।"श्री ट्रंप ने यह भी घोषणा की कि वाशिंगटन मंगलवार को शाम चार बजे पूर्वी मानक समय से ईरानी बंदरगाहों की अपनी नौसैनिक नाकेबंदी को फिर से लागू करेगा।

अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि अमेरिका हॉर्मुज से गुजरने वाले जहाजों के लिए एक रक्षक के रूप में कार्य करेगा। उन्होंने इन जहाजों पर 20 प्रतिशत सुरक्षा शुल्क लगाने का सुझाव दिया, हालांकि यह विवरण नहीं दिया कि यह शुल्क कैसे लागू किया जाएगा। उन्होंने न्यूज़मैक्स के साथ एक साक्षात्कार में कहा, "हम हर किसी को गुजरने देंगे, सिवाय इसके कि अगर आप ईरान के साथ व्यापार कर रहे हैं।"अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन ने हालांकि इस घोषणा पर आपत्ति जतायी और कहा कि हॉर्मुज से गुजरने का मार्ग अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत 'शुल्क से मुक्त' रहना चाहिए।

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने श्री ट्रंप के प्रस्ताव को खारिज करते हुए कहा कि जलमार्ग से पारगमन के लिए कोई भी शुल्क वसूलने का अधिकार अमेरिका के पास नहीं है, बल्कि यह ईरान के पास है।

श्री अराघची ने कहा, "अमेरिकी राष्ट्रपति बिल्कुल सही हैं। जो कोई भी हॉर्मुज के माध्यम से व्यापारिक जहाजों का सुरक्षित मार्ग प्रदान करता है, उसे इस सेवा के लिए मुआवजा दिया जाना चाहिए। ईरान हमेशा से जलडमरूमध्य का रक्षक रहा है और हमेशा रहेगा। 20 प्रतिशत निश्चित रूप से बहुत अधिक है। हम निष्पक्ष रहेंगे।"इन हमलों पर तेल बाजार ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। ब्रेंट क्रूड ऑयल 7 प्रतिशत से अधिक बढ़कर लगभग 81.40 डॉलर प्रति बैरल हो गया, जबकि अमेरिकी वेस्ट टेक्सस इंटरमीडिएट क्रूड ऑयल लगभग 7 प्रतिशत बढ़कर लगभग 76.50 डॉलर हो गया, दोनों लगभग एक महीने में अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गए हैं।

ईरानी मीडिया ने बंदरगाह शहर बंदर अब्बास और किश, केश्म और अबू मूसा के द्वीपों में विस्फोटों की सूचना दी।

यूनाइटेड किंगडम समुद्री व्यापार अभियान (यूकेएमटीओ) ने मंगलवार को कहा कि एक टैंकर ने ओमान के तट के पास दक्षिणी मार्ग से हॉर्मुज से गुजरते समय एक मिसाइल की चपेट में आने की सूचना दी है। प्राधिकरण ने कहा, "जहाजों को सावधानी के साथ पारगमन करने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की रिपोर्ट हमें देने की सलाह दी जाती है।"इस बीच, ईरान ने भी रात भर जवाबी हमले किये। संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने कहा कि उसके दो तेल टैंकर दक्षिणी मार्ग से गुजरते समय ईरानी क्रूज मिसाइलों की चपेट में आ गये।

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